Ranchi News: राजधानी के कांके स्थित रांची इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूरो साइकियाट्री एंड एलाइड साइंसेज (RINPAS) में निदेशक पद के लिए आवेदन मांगे गए हैं. स्वास्थ्य, चिकित्सा शिक्षा एवं परिवार कल्याण विभाग की ओर से जारी विज्ञापन के अनुसार इच्छुक और योग्य उम्मीदवार 8 सितंबर तक आवेदन कर सकते हैं. लंबे समय से प्रभारी व्यवस्था में चल रहे संस्थान में इस नियुक्ति के बाद स्थायी निदेशक मिलने की उम्मीद है.
RINPAS की वेबसाइट पर डॉ. जयति सिमलाई को निदेशक के रूप में दिखाया गया है. इसी बीच उनके खिलाफ चल रहे एक सड़क हादसे से जुड़े मामले को लेकर भी चर्चा हो रही है.
क्या है मामला
यह मामला मार्च 2022 का है. आरोप है कि RINPAS परिसर में डॉ. जयति सिमलाई की कार की चपेट में आने से एक महिला मरीज घायल हो गई थी. इलाज के दौरान अप्रैल 2022 में उसकी मौत हो गई थी.
मामले की जांच के बाद पुलिस ने पर्याप्त सबूत नहीं मिलने की बात कहते हुए फाइनल रिपोर्ट अदालत में दाखिल की थी. इसके बाद शिकायतकर्ता ने अदालत का रुख किया.
जनवरी 2026 में रांची की अदालत ने डॉ. जयति सिमलाई के खिलाफ धारा 279 और 304-A के तहत मुकदमा चलाने का आदेश दिया. अदालत ने मामले में प्रथम दृष्टया पर्याप्त आधार माना था. मामले में अंतिम फैसला अभी नहीं आया है.
इसे भी पढे़ं -
निदेशक नियुक्ति पर बाबूलाल ने उठाए सवाल
इधर, RINPAS में स्थायी निदेशक की नियुक्ति को लेकर नेता प्रतिपक्ष और भाजपा विधायक बाबूलाल मरांडी ने सरकार पर सवाल उठाए हैं. उन्होंने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर 26 अगस्त को जारी निदेशक नियुक्ति के विज्ञापन को रद्द करने की मांग की है.
मरांडी का आरोप है कि विज्ञापन में निदेशक पद के लिए जरूरी शैक्षणिक योग्यता को स्पष्ट रूप से नहीं बताया गया है. उन्होंने 14 अक्टूबर 2024 को राज्य सरकार की ओर से बनाए गए नियुक्ति नियमों पर भी सवाल उठाया है.
उन्होंने कहा कि इन नियमों में गैर-मेडिकल फैकल्टी के लोगों को भी निदेशक पद के लिए मौका मिल सकता है, जबकि यह राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) के नियमों के अनुरूप नहीं है. मरांडी ने सरकार से नियमों की समीक्षा कर NMC के दिशा-निर्देशों के अनुसार नया विज्ञापन जारी करने की मांग की है.
झामुमो ने भी की थी प्रभारी निदेशक को हटाने की मांग
इससे पहले रिनपास को लेकर झामुमो की ओर से भी सवाल उठाए गए थे. झामुमो के प्रतिनिधिमंडल ने स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी से मुलाकात कर प्रभारी निदेशक जयति सिमलाई को पद से हटाने की मांग की थी. प्रतिनिधिमंडल ने उनके खिलाफ चल रहे मामले का हवाला देते हुए कार्रवाई की मांग की थी.
झामुमो कांके प्रखंड अध्यक्ष नवीन तिर्की ने कहा था कि दो दिनों के अंदर कार्रवाई नहीं हुई तो 5 सितंबर से आंदोलन शुरू किया जाएगा. प्रतिनिधिमंडल ने रिनपास में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने की भी मांग की थी.
अब नए निदेशक के चयन की प्रक्रिया शुरू होने के बाद रिनपास को लेकर एक साथ कई सवाल चर्चा में है. एक तरफ संस्थान को स्थायी निदेशक मिलने की उम्मीद है, वहीं दूसरी ओर नियुक्ति के नियमों और मौजूदा प्रभारी निदेशक से जुड़े मामले को लेकर राजनीतिक विवाद भी जारी है.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

