Ramgarh: प्रसिद्ध सिद्धपीठ रजरप्पा स्थित छिन्नमस्तिका मंदिर में शुक्रवार को पारंपरिक तरीके से आषाढ़ी पूजा की गई. आषाढ़ी पूजा दिन के ठीक 12:00 बजे भक्तिभाव के साथ शुरू की गई. देखते ही देखते पूरा माहौल भक्ति के आगोश में आ गया. करीब एक घंटे तक माता छिन्नमस्तिका का विशेष पूजा अर्चना हुई.

इससे पूर्व, स्थानीय पुजारियों ने पूरे पारंपरिक ढंग व वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा अर्चना की. उसके बाद मां भगवती को 56 प्रकार के व्यंजनों का भोग और विभिन्न प्रकार के ऋतु फल चढ़ा कर मां से आशीर्वाद मांगी गई. साथ ही बलि स्थल में तीन बकरे की बलि भी दी गई. सबसे पहले दूध और गंगाजल के अलावे कई प्रकार के अन्य द्रव्यों से माता का विशेष स्नान कराया गया. इसके बाद फूलों से माता का श्रृंगार हुआ.
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इसके बाद बेहतर फसल व अच्छी बारिश, राज्य व समाज की तरक्की की सुख-शांति की कामना को लेकर मां भगवती के दरबार में आषड़ी पूजा की गई. आरती के बाद मौजूद लोगों के बीच प्रसाद का वितरण भी किया गया. मंदिर के पुजारियों ने बताया कि आषाढ़ी पूजा के दौरान माता से देश प्रदेश की सुख संवृद्धि और शांति की कामना की गई.
मौके पर आशेष पंडा, असीम पंडा, शुभाशीष पंडा, लोकेश पंडा, गुड्डू पंडा, नवीन पंडा, छोटू पंडा, अजय पंडा, विजंय पंडा, संजीत पंडा, सोनू पंडा, मंथन पंडा, पोपेश पंडा, पवन मिश्रा, संतोष पंडा, राजेश पंडा, राकेश पंडा, सुजीत पंडा, सेतू पंडा, स्वरूप पंडा सहित पंडा समाज के सभी मौजूद थे.


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