सख्ती के बाद अब औरंगा नदी पुल बना शराबियों का नया ठिकाना
झारखंड को 1445 करोड़ की राशि मिली
कार्यशाला के माध्यम से किसानों को कृषि कार्य के लिए बैंकों से ऋण प्राप्त करने के लिए सिविल स्कोर के महत्व को समझाया गया ताकि लोन लेकर गरीब किसान भी खुद का व्यवसाय शुरू कर सकें. उन्होंने आजीविका का स्रोत बढ़ाने के लिए मेहनत से कार्य करने की सलाह दी. कार्यक्रम का संचालन परियोजना प्रबंधन इकाई रांची के प्रभाष चंद्र दूबे ने किया. इस दौरान बताया गया कि कृषि अवसंरचना कोष के जरिए किसानों और कृषि क्षेत्र के उद्यमियों के लिए एक लाख करोड़ रुपए की राशि का आवंटन किया गया है, जिसमें झारखंड को 1445 करोड़ की राशि मिली है.ऐसे लें योजना का लाभ
इस योजना का लाभ लेने www.agriinfra.doc.gov.in पर लॉगिन कर आवेदन किया जा सकता है. केन्द्र सरकार की ओर से किसानों के ऋण खाते में सीधे सब्सिडी दी जाएगी. आवेदन की प्रक्रिया सरल है. परियोजना प्रबंधन इकाई कृषि निदेशालय से आए प्रतिनिधियों ने प्रेजेंटेशन के जरिए किसानों को आवेदन करने की प्रक्रियाओं को विस्तार से बताया. पीएमयू से आवेदन करने और ऋण दिलवाने में पूरा सहयोग देने की बात कही गई. विश्वस्तरीय संगठन ग्रांट थोर्नटॉन की ओर से झारखंड में परियोजना प्रबंधन इकाई का संचालन कृषि निदेशालय में किया जा रहा है. मौके पर विभिन्न विभागों के अधिकारियों ने अपने-अपने विभाग की योजना संबंधी जानकारी दी. पीएमयू टीम से प्रभाष चंद्र दूबे, डायरेक्टर रिश रवि, अश्विनी कुमार, मनीष कुमार, मयंक द्विवेदी आदि ने प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया. इसके अलावा जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार मिश्रा, एडीएच निकिता कुमारी, सीजीएम नाबार्ड, डीडीएम नाबार्ड, एलडीएम, जीएम डीआईसी, आरएम एसबीआई, पीडी आत्मा आदि अधिकारी मौजूद थे. इसे भी पढ़ें :गोड्डा">https://lagatar.in/godda-seven-arrested-in-firing-incident-in-public-market/">गोड्डा: सरेआम बाजार में फायरिंग की घटना में सात गिरफ़्तार

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