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से उठा झारखंड का सियासी तूफान संथाल परगना पर केंद्रित हो गया है!
मर्जर के 10 महीने बाद ऑब्जेक्शन दिया गया
बाबूलाल मरांडी की ओर से अपील की गई कि जल्द से जल्द मामले में स्पीकर फैसला सुनाएं. वकील ने कहा कि दसवीं अनुसूची के रूल 6 में साफ लिखा है कि ऐसे मामलों में शीघ्र ऑब्जेक्शन देना होगा, जबकि मर्जर के 10 महीने बाद ऑब्जेक्शन दिया गया. वहीं रूल 7 कहता है कि अगर रूल 6 का उल्लंघन हुआ है तो स्पीकर वैसी अर्जी को खारिज कर देंगे और याचिकाकर्ता को सूचित करेंगे. उन्होंने कहा कि मर्जर को इलेक्शन कमीशन ने मान्यता दे दी है. इसलिए इसपर स्पीकर को फैसला लेने में देर नहीं करनी चाहिए. इसे भी पढ़ें - क्रिप्टो">https://lagatar.in/earthquake-in-crypto-market-other-currencies-including-bitcoin-on-red-mark-avalanche-fell-13-percent/">क्रिप्टोमार्केट में भूचाल, Bitcoin समेत अन्य करेंसी लाल निशान पर, Avalanche 13 फीसदी लुढ़का
9 मई को बाबूलाल के खिलाफ दायर दूसरे मामलों की सुनवाई
सुनवाई के दौरान विधायक राजकुमार यादव ने अपना पक्ष रखा. वहीं भूषण बाड़ा की ओर से वकील श्रेय मिश्रा ने बहस में हिस्सा लिया. श्रेय मिश्रा ने कहा कि इस मामले को लेकर हाईकोर्ट में एक याचिका दायर की गई है. WPC128 /2021 हाईकोर्ट में पेंडिंग है. इसका फैसला आने दिया जाये. बता दें कि 9 मई को बाबूलाल मरांडी के खिलाफ दीपिका पांडेय सिंह, प्रदीप यादव और बंधु की याचिका पर सुनवाई होनी है. इसे भी पढ़ें - गुनाहों">https://lagatar.in/sea-of-crimes-ias-pooja-singhal/">गुनाहोंका समंदर IAS पूजा सिंघल! [wpse_comments_template]

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