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धान क्रय और एमएसपी पर बाबूलाल मरांडी के आरोप बेबुनियाद, किसान सुरक्षित हैं: डॉ. इरफान अंसारी

धान क्रय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयानों पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. डॉ. अंसारी ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के बयान तथ्यहीन, भ्रामक और राजनीतिक हताशा से प्रेरित हैं.
 

Ranchi: धान क्रय और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी के बयानों पर झारखंड के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. इरफान अंसारी ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है. डॉ. अंसारी ने कहा कि बाबूलाल मरांडी के बयान तथ्यहीन, भ्रामक और राजनीतिक हताशा से प्रेरित हैं. उन्होंने स्पष्ट किया कि धान क्रय का लक्ष्य विभागीय मंत्री होने के नाते उन्होंने स्वयं तय किया है और इस मुद्दे पर बेवजह भ्रम फैलाया जा रहा है.

 

डॉ. इरफान अंसारी ने कहा कि पिछले वर्ष भी जुलाई महीने तक धान क्रय की प्रक्रिया चली थी और इस वर्ष भी अभी पर्याप्त समय है. राज्य सरकार पूरी गंभीरता के साथ निर्धारित लक्ष्य तक पहुंचेगी. उन्होंने दावा किया कि झारखंड के कई जिलों में धान क्रय की स्थिति संतोषजनक है. गढ़वा जिले का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि वहां धान क्रय बेहतर रहा है और उसी जिले में बाबूलाल मरांडी की बहू डीएसओ के पद पर कार्यरत हैं. यदि किसी प्रकार का संदेह है तो वास्तविक स्थिति की जानकारी वहीं से ली जा सकती है.

 

एमएसपी के मुद्दे पर डॉ. अंसारी ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि केंद्र ने एमएसपी मद में झारखंड को राशि देना बंद कर दिया है. इसके बावजूद राज्य सरकार अपने संसाधनों से किसानों के हित में लगातार काम कर रही है. उन्होंने कहा कि जब तक राज्य सरकार अपनी जिम्मेदारी निभा रही है, झारखंड का किसान सुरक्षित और संतुष्ट है.

 

डॉ. इरफान अंसारी ने बाबूलाल मरांडी को चुनौती देते हुए कहा कि यदि उन्हें वास्तव में किसानों की चिंता है तो उन्हें दिल्ली जाकर केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण से झारखंड के किसानों का हक मांगना चाहिए. उन्होंने यह भी कहा कि साहस हो तो भाजपा और केंद्र सरकार के खिलाफ भी प्रेस कॉन्फ्रेंस कर दिखाएं.

 


डॉ. अंसारी ने कहा कि यह राज्य केवल सरकार का नहीं बल्कि बाबूलाल मरांडी का भी है और किसानों के अधिकारों की लड़ाई राजनीति से ऊपर उठकर लड़ी जानी चाहिए. उन्होंने खुद को किसान का बेटा बताते हुए कहा कि किसान, खेत और फसल की रक्षा के लिए वह पूरी तरह प्रतिबद्ध हैं.

 

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