Ranchi News: JPSC-JSSC परीक्षाओं में गड़बड़ी और नौकरी के बदले पैसे लिए जाने के आरोपों को लेकर नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने सवाल उठाए हैं. उन्होंने कहा कि मामले में CID की जांच अब तक संतोषजनक नहीं कही जा सकती. बाबूलाल ने आरोप लगाया कि कई गंभीर तथ्य सामने आने के बावजूद कार्रवाई आगे नहीं बढ़ी है.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि JPSC की सदस्य अजिता भट्टाचार्य पर पैसे लेकर इंटरव्यू में अंक बढ़ाने से जुड़े प्रमाण सामने आए हैं. झामुमो गिरिडीह जिला अध्यक्ष से जुड़े पैसों के लेनदेन का ऑडियो भी सामने आया है. वहीं JSSC-CGL का एडमिट कार्ड जिनके ठिकाने से बरामद हुआ, उस विनोद सिंह से अब तक पूछताछ नहीं होने पर भी उन्होंने सवाल उठाया.
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उन्होंने कहा कि CID पूरी परीक्षा प्रक्रिया को दूषित बता चुकी है. इसके बावजूद परीक्षा को पाक-साफ बताने वाले अनुराग गुप्ता पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई है. वहीं सुधीर गुप्ता और प्रशांत कुमार को JSSC आयोग में बनाए रखने को लेकर भी गंभीर सवाल हैं.
बाबूलाल ने कहा कि बड़ी मछलियों की भूमिका से जुड़े प्रमाण सामने आने के बाद भी कार्रवाई नहीं होने से छात्रों की चिंता बढ़ रही है. सरकार ने 17 तारीख को परीक्षा रद्द करने का फैसला लिया है, लेकिन अब सबसे बड़ा सवाल है कि इसका Cancellation Memo न्यायालय में कब दाखिल होगा.
उन्होंने कहा कि अगर सरकार के पास परीक्षा रद्द करने के ठोस कारण, जांच के निष्कर्ष और संबंधित साक्ष्य हैं, तो उन्हें कोर्ट के सामने रखने में देरी नहीं होनी चाहिए. छात्रों की मांग है कि Cancellation Memo तत्काल न्यायालय में दाखिल किया जाए और परीक्षा रद्द करने के सभी आधार एवं साक्ष्य कोर्ट के सामने रखे जाएं.
बाबूलाल मरांडी ने कहा कि राज्य सरकार के आश्वासन पर छात्रों ने अपना आंदोलन स्थगित किया है. अब उस आश्वासन को पूरा करना सरकार की जिम्मेदारी है. उन्होंने कहा कि कोर्ट में केवल परीक्षा रद्द करने का फैसला बताना पर्याप्त नहीं होगा, बल्कि उस फैसले के ठोस आधार और साक्ष्य भी मजबूती से रखने होंगे.
बाबूलाल ने कहा कि छात्रों के भविष्य से जुड़े इस मामले में किसी भी तरह की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी.
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