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सदन में बोले बाबूलाल - कमीशनखोरी के लिए बन रहे भवन, न डॉक्टर हैं न शिक्षक

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बजट को आंकड़ों का मायाजाल बताते हुए इसे कॉपी पेस्ट बजट करार दिया और सरकार पर अपनी विफलताओं को छिपाने का आरोप लगाया.
 

Ranchi: झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान नेता प्रतिपक्ष बाबूलाल मरांडी ने राज्य सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली पर तीखा हमला बोला. उन्होंने बजट को आंकड़ों का मायाजाल बताते हुए इसे कॉपी पेस्ट बजट करार दिया और सरकार पर अपनी विफलताओं को छिपाने का आरोप लगाया.

 

सदन में बोलते हुए बाबूलाल मरांडी ने नगरी क्षेत्र में जमीन अधिग्रहण के मुद्दे को उठाया. उन्होंने कहा कि आदिवासियों और किसानों की उपजाऊ जमीन को बचाने की आवाज उठाना अगर असामाजिक कहलाता है तो वे इसके लिए भी तैयार हैं. उन्होंने सुझाव दिया कि रिम्स-2 जरूर बनाए जाएं लेकिन इसके लिए खेती योग्य जमीन के बजाय दूर पड़ी बंजर जमीन का उपयोग किया जाए.

 

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बाबूलाल मरांडी ने बजट को कॉपी पेस्ट बताते हुए कहा कि पिछले वर्ष के बजट की कई योजनाओं और विषयों को इस वर्ष भी लगभग उसी रूप में दोहरा दिया गया है. उन्होंने आरोप लगाया कि वित्त मंत्री ने बजट का गहराई से अध्ययन करने के बजाय इसे अधिकारियों के भरोसे छोड़ दिया है. उन्होंने कुछ योजनाओं का उदाहरण देते हुए कहा कि कई परियोजनाओं की वही पुरानी रिपोर्ट दोहराई गई है.

 

उन्होंने स्वास्थ्य विभाग की स्थिति पर भी चिंता जताई. उन्होंने कहा कि पिछले बजट में जिन नए मेडिकल कॉलेजों की घोषणा की गई थी, उनमें कई का काम आगे नहीं बढ़ पाया है. उन्होंने यह भी कहा कि राज्य में बड़ी संख्या में बच्चे और महिलाएं एनीमिया से पीड़ित हैं. इसके अलावा डॉक्टरों और नर्सों के कई पद खाली पड़े हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं पर असर पड़ रहा है.

 

 

 

बाबूलाल मरांडी ने एयर एम्बुलेंस सेवा के प्रचार पर भी सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि जमीनी स्तर पर कई जगहों पर मरीजों को समय पर एम्बुलेंस नहीं मिलती. कई मामलों में लोगों को अपने बीमार परिजनों को कंधे पर ढोकर अस्पताल ले जाना पड़ता है.  उन्होंने थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के इलाज की व्यवस्था मजबूत करने और चाईबासा में संक्रमित खून चढ़ाए जाने की घटना की निष्पक्ष जांच की मांग की.

 

उन्होंने सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़े मुद्दे भी उठाए. उन्होंने कहा कि साड़ी धोती योजना में बड़ी संख्या में लाभुक वंचित रह गए और कई महीनों से दाल और नमक का वितरण नहीं हुआ है. उन्होंने धान खरीद के लक्ष्य को पूरा नहीं करने और भंडारण की कमी के कारण किसानों को बिचौलियों के हाथों धान बेचने की मजबूरी का भी जिक्र किया.

 

बाबूलाल मरांडी ने साहिबगंज जिले के बरहेट क्षेत्र में राशन गबन के मामले का मुद्दा उठाते हुए कहा कि जांच में गड़बड़ी सामने आने के बावजूद अब तक किसी अधिकारी पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है. उन्होंने सरकार से मांग की कि भ्रष्टाचार के मामलों में दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए. अंत में उन्होंने कहा कि सरकार को केवल भवन निर्माण पर ध्यान देने के बजाय स्वास्थ्य और अन्य विभागों में खाली पदों को भरने और बुनियादी सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में ठोस कदम उठाने चाहिए.

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