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सीएम हेमंत को बाबूलाल का पत्र, CGL-JPSC समेत 39 भर्ती परीक्षाओं की CBI जांच की मांग

Ranchi News: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कई परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.
 
बाबूलाल मरांडी (फाइल फोटो)
  • सीआईडी जांच पर बाबूलाल ने उठाए सवाल
  • JPSC इंटरव्यू को लेकर भी गंभीर आरोप
  • 22 रद्द और 17 संदिग्ध परीक्षाओं की जांच की मांग

Ranchi News: झारखंड में भर्ती परीक्षाओं को लेकर एक बार फिर सियासत तेज हो गई है. नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी ने मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को पत्र लिखकर कई परीक्षाओं में हुई गड़बड़ी की जांच सीबीआई से कराने की मांग की है.

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बाबूलाल मरांडी ने पत्र में JSSC-CGL, 11वीं से 13वीं JPSC सहित सरकार की ओर से रद्द की गई परीक्षाओं का जिक्र किया है. उन्होंने कहा कि इन मामलों की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि गड़बड़ी के पीछे शामिल लोगों की पहचान हो सके और युवाओं को न्याय मिल सके.

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बाबूलाल मरांडी ने इन मामलों की सीआईडी जांच पर सवाल उठाए हैं. उनका आरोप है कि सीआईडी की जांच में कई गंभीर सवालों के जवाब नहीं मिले हैं. उन्होंने दावा किया कि CGL मामले में असली दोषियों को बचाने की कोशिश की गई.

 

उन्होंने सीआईडी के कुछ अधिकारियों की भूमिका पर भी सवाल उठाते हुए उनके खिलाफ स्वतंत्र जांच की मांग की है. हालांकि, पत्र में लगाए गए ये आरोप बाबूलाल मरांडी के दावे हैं.

 

11वीं से 13वीं JPSC परीक्षा के मामले में भी बाबूलाल मरांडी ने कई आरोप लगाए हैं. उन्होंने इंटरव्यू बोर्ड के गठन, अभ्यर्थियों को बोर्ड आवंटित करने और कोडिंग-डिकोडिंग की प्रक्रिया पर सवाल उठाया है.

 

उन्होंने कहा कि पूरे मामले में इंटरव्यू बोर्ड से जुड़े अधिकारियों और सदस्यों की भूमिका की जांच होनी चाहिए. साथ ही इंटरव्यू से जुड़े सभी रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों को सुरक्षित रखने की मांग की है.

 

बाबूलाल मरांडी ने सरकार की ओर से रद्द की गई 22 परीक्षाओं और संदेह के घेरे में आई 17 अन्य परीक्षाओं की भी जांच कराने की मांग की है. उन्होंने कहा कि इन परीक्षाओं के परिणाम और नियुक्तियों की भी जांच होनी चाहिए.

 

उन्होंने मुख्यमंत्री से कुल 8 मांगें की हैं. इनमें CGL और JPSC मामलों की CBI जांच, इंटरव्यू बोर्ड के सदस्यों की भूमिका की जांच, सभी जरूरी साक्ष्य सुरक्षित करने और संदिग्ध अधिकारियों को जांच से अलग करने की मांग शामिल है.

 

बाबूलाल मरांडी ने कहा कि भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी का मामला सिर्फ कुछ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है. यह राज्य के लाखों युवाओं के भविष्य और सरकारी भर्ती व्यवस्था पर भरोसे से जुड़ा है.

 

उन्होंने मुख्यमंत्री से CBI जांच की मांग स्वीकार करने की अपील की है. साथ ही कहा है कि निष्पक्ष जांच से ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आ सकती है.

 

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