Ranchi News: बड़ा तालाब में गंदगी इतनी ज्यादा हो गई थी कि दुर्गंध से राहगिरों का वहां से गुजरना मुश्किल हो गया था. इसके अलावा मछुआरों ने भी यहां मछली पकड़ना तक बंद कर दिया था. अब नगर निगम की लगातार सफाई के बाद तस्वीर बदलने लगी है. अब तालाब के किनारे लोगों का बैठना फिर से शुरू हो गया है और मछुआरे भी पहुंचने लगे हैं.
हिंदपीढ़ी निवासी ईश्वर साव पिछले 30 वर्षों से मछली के कारोबार से जुड़े हैं. उन्होंने बताया कि तालाब की स्थिति खराब होने की वजह से कई वर्षो से यहां मछली पकड़ने का काम बंद था. अब सफाई होने के बाद तालाब की स्थिति पहले जैसी हो गई है. इसलिए यहां हर दिन जाल लगाकर मछली पकड़ने पहुंच जाते हैं. तालाब से तेलपिया और गरई मछलियां मिल रही हैं. एकदिन में करीब 10 किलो तक मछली पकड़ लेते हैं.
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पकड़ी गई मछलियों को नामकुम और मोरहाबादी बाजार में बेचने के लिए जाते हैं. जहां इन्हें एक किलो मछली 200 रुपये मिल जाते हैं. तालाब में गंदगी होने की वजह से उन्हें बाहर से मछली खरीदना पड़ता था. महीने में करीब एक क्विंटल तक मछली तालाब से पकड़ी जा रही है. अब बंशी से मछली पकड़ने वालों की संख्या भी बढ़ रही है.
हरमू निवासी छोटू तिर्की ने बताया कि बड़ा तालाब से बंशी के जरिए हर दिन करीब 3 से 4 किलो मछली पकड़ लेते हैं. तालाब के आसपास ही मछली खरीदार मिल जाते हैं. रोजाना एक हजार रुपये तक की कमाई हो रही है.
मछुआरों ने बताया कि पहले सेवा सदन से निकलने वाला गंदा पानी बड़ा तालाब में गिरता था, जिससे तालाब का पानी दूषित हो गया था. जिससे यहां पर लोगो का आना-जाना बंद हो गया था.
इस मामले में महापौर रोशनी खलखो ने बताया कि बडा तालाब को सुंदर और स्वच्छ बनाने का प्रयास किए जा रहे हैं. यहां से हर दिन कचरा निकाला जा रहा है. मशीन से पानी साफ किए जा रहे हैं.
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