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बहरागोड़ा: शालदोहा गांव में हाथियों का तांडव,धान की नर्सरी बर्बाद

प्रखंड अंतर्गत शालदोहा गांव के किसान इन दिनों हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं. तीन हाथियों का झुंड श्मशान घाट के रास्ते गांव के उपजाऊ खेतों में घुसा और धान की नर्सरी (चारा) को पूरी तरह रौंदकर बर्बाद कर दिया.
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Baharagora (Himangshu karan): प्रखंड अंतर्गत शालदोहा गांव के किसान इन दिनों हाथियों के आतंक से जूझ रहे हैं. तीन हाथियों का झुंड श्मशान घाट के रास्ते गांव के उपजाऊ खेतों में घुसा और धान की नर्सरी (चारा) को पूरी तरह रौंदकर बर्बाद कर दिया.

 

वहीं शालदोहा गांव की जमीन अपनी उर्वरता के लिए जानी जाती है. किसान धान की रोपाई शुरू करने की तैयारी में थे, लेकिन हाथियों के इस हमले ने उनकी महीनों की मेहनत पर पानी फेर दिया. ग्रामीणों ने हाथियों को भगाने के लिए मशाल जलाने और बम-पटाखे फोड़ने का भी प्रयास किया, लेकिन हाथियों के उग्र स्वभाव के आगे उनकी एक न चली.

 

हाथियों के लगातार आतंक से गांव में भय का माहौल है. ग्रामीण रातभर जागकर अपने खेतों की रखवाली कर रहे हैं उधर हाथियों के हमले की सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम सक्रिय हुई और शालदोहा गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया. वन कर्मियों की कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को लोधासूली जंगल की सीमा के पार खदेड़ दिया गया है. विभाग ने चेतावनी दी है कि ये हाथी भ्रमणशील हैं और भोजन की तलाश में दोबारा गांव का रुख कर सकते हैं.

 

 

सुरक्षा के मद्देनजर इलाके में विभाग द्वारा गश्ती बढ़ा दी गई है और ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे हाथियों के करीब न जाएं. इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए रेंजर दिग्विजय सिंह ने किसानों को ढांढस बंधाया है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिन किसानों की फसल हाथियों के कारण नष्ट हुई है, उन्हें सरकार के प्रावधानों के अनुसार उचित मुआवजा दिया जाएगा. उन्होंने प्रभावित किसानों से वन विभाग में जल्द आवेदन जमा करने को कहा है, ताकि नुकसान का सटीक आकलन कर मुआवजे की प्रक्रिया को तेज किया जा सके.

 

 

 


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