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बहरागोड़ा : मुख्यमंत्री दाल-भात योजना का हाल- फटे प्लास्टिक के नीचे रसोई घर, लकड़ी के चूल्हे पर बनता है भोजन

Baharagora ( Himanshu karan) : महिलाओं के उत्थान के लिए केंद्र और राज्य सरकार कई योजनाएं संचालित कर रही हैं. महिलाओं को रसोई घर में धुआ से बचने के लिए उज्जवला योजना के तहत निशुल्क गैस सिलेंडर और चूल्हा वितरण किया गया. मगर बहरागोड़ा में मुख्यमंत्री दाल-भात योजना का संचालन करने वाली महिला समूह की महिलाओं का हाल देखिए. फटे प्लास्टिक के नीचे रसोईघर है और लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाया जाता है. भोजन बनाने के लिए इन्हें गैस सिलेंडर और चूल्हा नहीं मिला है. रसोई घर के पास झाड़ियों की भरमार है. तमाम परेशानियों के बीच भी मां मनसा महिला समूह द्वारा इस महत्वपूर्ण योजना का संचालन किया जा रहा है. गरीबों को पांच रुपये में दाल भात और सब्जी खिलाया जा रहा है. पेयजल की भी व्यवस्था नहीं है. मुख्यमंत्री से जुड़ी इस योजना की बदहाली पर किसी का भी ध्यान नहीं है. इसे भी पढ़ें :चक्रधरपुर">https://lagatar.in/chakradharpur-girls-danced-fiercely-in-dandiya-night/">चक्रधरपुर

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खाना बनाने के लिए बर्तन लोन पर खरीदा है महिलाओं ने

[caption id="attachment_452021" align="aligncenter" width="367"]https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/10/Baharagora-Dal-Bhaat-Yojana1-1-e1666417644406.jpg"

alt="" width="367" height="207" /> योजना का बोर्ड.[/caption] प्रखंड कार्यालय के करीब ही उक्त महिला समूह द्वारा वर्ष 2011 से इस योजना का संचालन किया जा रहा है. जिला परिषद डाक बंगला की चहारदीवारी के पास बांस गाड़ कर और तिरपाल लगाकर महिलाओं ने रसोईघर बना रखा है. इस रसोई घर में बरसात और धूप के मौसम में भारी परेशानी होती है. लकड़ी के चूल्हे पर भोजन बनाने में भी महिलाएं परेशान रहती हैं. यहां पानी की भी व्यवस्था नहीं है. पानी के लिए दूर अवस्थित चापाकल रोजाना लाना पड़ता है. खाना बनाने के लिए बर्तन सेट नहीं है. जो भी बर्तन हैं, वे महिलाओं द्वारा लोन पर खरीदे गए हैं. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-jan-ashirwad-yatra-of-yuva-janshakti-morcha-from-november-10/">आदित्यपुर

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गैस सिलेंडर ,चूल्हा और बर्तन भी नहीं मिला है

सरकारी सुविधा के नाम पर इन्हें केवल चावल, चना और सोयाबीन ही मिलते हैं. उक्त खाद्य सामान भी महिलाओं को जमशेदपुर से अपने खर्च पर लाना पड़ता है. तेल, मसाला और लकड़ी आदि का खर्च इन महिलाओं को ही करना पड़ता है. इन्हें ना तो गैस सिलेंडर और चूल्हा मिला है, बर्तन मिला है और ना ही रसोईघर. समूह की सचिव धीना दंडपाट ,अध्यक्ष रसना बेरा, कोषाध्यक्ष संध्या खामराई, सदस्य सपना बेरा, सविता बेरा तारूलाता दंडपाट, रुनू बेरा, सुवर्ण बेरा, बानी बेरा तथा दुःखनी बाग ने कहा कि इस योजना का संचालन करने में उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. सरकार द्वारा अगर बेहतर संसाधन मुहैया कराया जाता तो योजना के संचालन में सुविधा होती. इसे भी पढ़ें :धनतेरस">https://lagatar.in/dhanteras-today-buy-goods-according-to-your-zodiac-sign-there-will-be-no-shortage-of-money-throughout-the-year/">धनतेरस

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