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जंगल झाड़ियों से घिरा भवन जर्जर होकर टूटने लगा
[caption id="attachment_403201" align="aligncenter" width="1600"]alt="" width="1600" height="720" /> मरम्मत के बाद छात्रावास भवन.[/caption] इस छात्रावास भवन का शिलान्यास वर्ष 2004 में राज्य के तत्कालीन आदिवासी कल्याण मंत्री अर्जुन मुंडा ने स्थानीय विधायक डॉ. दिनेश षाड़ंगी की अध्यक्षता में तामझाम से किया था. छात्रावास के निर्माण के बाद कुछ साल तक छात्रावास में छात्र रहे भी. उसके बाद छात्रावास में एक भी छात्र नहीं रहा. जंगल झाड़ियों से घिरा भवन जर्जर होकर टूटने लगा. कुछ माह पूर्व कल्याण विभाग के तहत इस छात्रावास की 16 लाख की लागत से मरम्मत हुई. मगर छात्रावास में एक भी छात्र नहीं रहता है. कल्याण विभाग ने छात्रावास की मरम्मत करा कर अपने कर्तव्यों की इतिश्री समझ ली. छात्रावास में नाइट गार्ड और रसोईया की बहाली भी नहीं हुई है. विद्यालय की प्रधानाध्यापिका सोमवारी हांसदा ने कहा कि छात्रावास में एक भी छात्र नहीं रहता है. छात्रावास में रसोईया और नाइट गार्ड की बहाली भी नहीं है और अन्य जरूरी सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं. उन्होंने कहा कि विद्यालय के आसपास कई उत्क्रमित उच्च विद्यालय स्थापित किए गए हैं. इसके कारण इस विद्यालय में विद्यार्थियों की संख्या में भी कमी आई है. इसे भी पढ़ें :आदित्यपुर">https://lagatar.in/adityapur-jbvnls-electricity-stalled-for-seven-and-a-half-hours-due-to-cable-failure/">आदित्यपुर
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