Bahragora (Himangshu karan) : बहरागोड़ा प्रखंड में पश्चिम बंगाल की सीमा से सटे चित्रेश्वर के पौराणिक शिव मंदिर में गाजन पर्व मनाने की वर्षों पुरानी परंपरा है. बुधवार से दो दिवसीय गाजन पर शुरू हो गया है. 13 भोक्ता 13 दिन तक मंदिर परिसर में उपवास रखते हैं. इस वर्ष भी मुख्य भोक्ता गौरी पद श्यामल समेत 13 भोक्ताओं ने मंदिर में उपवास रखा है. 13 दिन तक सभी भोक्ता मंदिर परिसर में ही रहते हैं.
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: शहर के दो नन्हें फुटबॉलर राष्ट्रीय जेएसडब्ल्यू लीग में जेएफसी का करेंगे प्रतिनिधित्व दोपहर 3:00 सभी पैदल ही सभी भोक्ता आधा किलोमीटर दूर स्थित स्वर्ण रेखा नदी जाते हैं. नदी में स्नान कर और पूजा पाठ कर वे शाम को गाजे-बाजे के साथ वहां से लौटते हैं. इस दौरान गांव में प्रत्येक घर के पास लोग उनकी पूजा करते हैं. विगत 2 अप्रैल से सभी 13 भोक्ता मंदिर परिसर में उपवास पर है. केवल रात में अरवा चावल का भात खाते हैं. आज भी सभी भोक्ता स्वर्णरेखा नदी में नहाने और पूजा करने जाएंगे. इसे भी पढ़ें : चांडिल">https://lagatar.in/chandil-akhand-harinam-sankirtan-completed-in-chowka-with-dhulat/">चांडिल
: धूलट के साथ चौका में अखंड हरिनाम संकीर्तन संपन्न 13 अप्रैल को अंतिम दिन सभी भोक्ता नदी जाएंगे और नहा धोकर पूजा पाठ कर मंदिर लौटेंगे. इसके बाद यहां जीभ फोड़, रजनी फोड़ जैसे धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे. भोक्ता अपनी जीभ में कील घोंप कर भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था दिखाएंगे. इस गाजन पर्व में 3 राज्य के श्रद्धालु शामिल होते हैं. इस अवसर पर यहां मेला भी आयोजित होता है. मंदिर कमेटी और गाजन पर्व कमेटी के लोग इस आयोजन को सफल बनाने में जुटे हैं. [wpse_comments_template]
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