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बहरागोड़ा : गड्ढों में खो गई है पूर्व मंत्री डॉ. षाड़ंगी के पैतृक गांव जाने वाली सड़क

Baharagoda (Himangshu karan) : बहरागोड़ा प्रखंड में राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या 18 के पीडब्ल्यूडी चौक से गंडानाटा में स्टेट हाईवे से जोड़ने वाली सड़क जानलेवा बन गई है. बहरागोड़ा से पूर्व स्वास्थ्य मंत्री डॉ. दिनेश षाड़ंगी के पैतृक गांव गंडानाटा से जुड़ने वाली यह प्रमुख सड़क गड्ढों में खो गई है. इस से गुजरने वाले राहगीरों को गड्ढों के बीच सड़क खोजनी पड़ती है. जर्जर सड़क पर इतने गड्ढे हैं कि यह समझ पाना मुश्किल है कि सड़क के बीच गड्ढे हैं या गड्ढों के बीच सड़क है. हल्की बारिश में ही सड़क पर उभरे तमाम गड्ढे वर्षा के पानी से भर गए हैं और दुर्घटना को आमंत्रित कर रहे हैं. अभी ही इस सड़क का यह हाल है तो बरसात में आलम क्या होगा? यह सोच कर कई गांवों के ग्रामीण चिंतित हैं. ग्रामीण इस सड़क की मरम्मत की मांग वर्षों से कर रहे हैं. परंतु इस दिशा में अब तक पहल नहीं हुई है. इसे भी पढ़ें :हजारीबाग">https://lagatar.in/hazaribagh-mercury-teacher-died-in-road-accident/">हजारीबाग

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सड़क से रोजाना ग्रामीण व विद्यार्थी बहरागोड़ा आते है

ग्रामीणों के मुताबिक सड़क का निर्माण डॉक्टर षाड़ंगी के विधायक रहते वर्ष 2006 के आसपास हुआ था. उसके बाद से इस सड़क की मरम्मत तक नहीं हुई है. यह सड़क पूर्णापानी पंचायत 80 प्रतिशत भाग से गुजरते हुए पाथरा पंचायत के गंडानाटा में स्टेट हाईवे से मिल जाती है. इस सड़क से होकर रोजाना सैकड़ों ग्रामीण और स्कूल कॉलेज के विद्यार्थी बहरागोड़ा आते हैं. सड़क की जर्जरता का हाल यह है कि इस पर साइकिल और बाइक को चलाना भी मुश्किल है. मरीजों को और गर्भवती माताओं को भी अस्पताल लाने में ग्रामीणों को परेशानियां झेलनी पड़ती हैं. इसे भी पढ़ें :मोदी">https://lagatar.in/modi-surname-case-rahul-gandhi-preparing-to-challenge-physical-appearance-order/">मोदी

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वोटरों ने महंती को थोक भाव से वोट दिया था

जानकारी हो कि गंडानाटा गांव पूर्व विधायक सह भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता कुणाल षाड़ंगी और समाज सेवा के क्षेत्र में उभरते सितारे राहुल षाड़ंगी का पैतृक गांव भी है. इसी सड़क के किनारे स्थित महुलचुई गांव के निवासी हैं सीपीएम के राज्य कमेटी के सदस्य स्वपन कुमार महतो. इस सड़क के प्रभावित क्षेत्र में पड़ने वाले बूथों पर विकास की उम्मीद लिए वोटरों ने समीर कुमार महंती को थोक भाव से वोट देकर विधायक बनने की राह आसान की थी. बावजूद, ग्रामीण इलाके की लाइफ लाइन कही जाने वाली यह सड़क अपने उद्धार के लिए किसी का इंतजार कर रही है? इसे भी पढ़ें :मणिपुर">https://lagatar.in/manipur-violence-broke-out-in-tribal-unity-march-curfew-in-eight-districts-internet-shutdown-army-did-flag-march/">मणिपुर

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