Ranchi: सुप्रीम कोर्ट ने NDPS Act के तहत 10 साल की सजा पाये मुजरिम को हाईकोर्ट से मिली जमानत रद्द कर दी है. साथ ही उसे 15 दिनों के अंदर सक्षम न्यायालय में सरेंडर करने का आदेश दिया है. राज्य सरकार द्वारा दायर अपील पर सुनवाई के बाद सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश दिया है.
चाईबासा स्थिति न्यायालय ने ट्रायल के बाद NDPS Act के तहत सुग्रीन पूरन को दोषी करार देते हुए 10 साल की सजा और एक लाख रुपये जुर्माना लगाया था.
सजा सुनाये जाने के बाद उसे जेल भेज दिया गया था. उसने हाईकोर्ट में निचली अदालत के फैसले के खिलाफ अपील दायर की थी. हाईकोर्ट ने मामले की सुनवाई के बाद सजा को स्थगित करते हुए उसे जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया था. हाईकोर्ट के इस फैसले को राज्य सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी. सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से यह दलील दी गयी थी कि सुग्रीव की गाड़ी से 177 किलोग्राम Poppy Straw जब्त किया गया था. लेकिन वह मौके से भाग गया था.
ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद उसे 10 साल की सजा दी और एक लाख रुपये का जुर्माना लगाया. हाईकोर्ट ने सिर्फ दो साल दो महीने की सजा काटने के बाद सजा निलंबित कर दी और जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया. यह न्यायोचित नहीं है क्योंकि उसने एक चौथाई सजा भी पूरी नहीं की है.
सुग्रीव की ओर से यह दलील दी गयी थी कि जिस गाड़ी से Poppy Straw जब्त किया गया था. वह उसकी है. लेकिन वह व्यवसायिक गाड़ी है. वह उसमें नहीं था, ना ही जब्त सामग्री से उसका कोई संबंध है. उसकी गाड़ी दूसरे को किराये पर दी थी. ऐसी स्थिति में किसी गलती के लिए वह जिम्मेवार नहीं माना जा सकता है.
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