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प्राथमिकी दर्ज करने के विरोध में बालूमाथ बंद, सड़कों पर पसरा सन्‍नाटा

रामनवमी के दौरान बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय के तीन अखाड़ों के पदाधिकारी और अन्य सदस्यों पर प्राथमिक की दर्ज करने की विरोध में तीन अप्रैल को बुलाया गया बालूमाथ बंद के दौरान पूरे शहर में सन्नाटा देखा गया.
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Latehar  : रामनवमी के दौरान बालूमाथ प्रखंड मुख्यालय के तीन अखाड़ों के पदाधिकारी और अन्य सदस्यों पर प्राथमिक की दर्ज करने की विरोध में तीन अप्रैल को बुलाया गया बालूमाथ बंद के दौरान पूरे शहर में सन्नाटा देखा गया. लोगों ने सुबह से ही स्वतः अपनी दुकानों का बंद रखा. बंद के कारण सड़कों में सन्नाटा पसरा था. इस दौरान लोगों में पुलिस और प्रशासन के खिलाफ काफी आक्रोश दिखा. 

 

लोगों ने कहा कि इस वर्ष रामनवमी की पूजा हर वर्ष की तरह हर्षोल्लास एवं सौहार्द पूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ. कहीं कोई अप्रिय घटना नहीं हुई. बावजूद इसके पुलिस और प्रशासन के द्वारा गलत आरोप लगाकर 30 मार्च के तीन अखाड़ों के पदाधिकारी और सदस्यों पर प्राथमिक दर्ज कराई गई है. यह सरासर गलत है. लोगों ने कहा कि यह बंद बालूमाथ की एकजुट का परिचय देता है. बालूमाथ हमेशा से ही सांप्रदायिक सोहार्द की मिशाल पेश करता आया है. 

 

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बता दें कि 30 मार्च को बालूमाथ अंचल अधिकारी बालेश्वर राम के द्वारा  रामनवमी के दौरान  दिशा-निर्देशों को नहीं मानने और निजी व सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचाने के आरोप में 16 नामजद समेंत तीन अखाड़ा सदस्‍य, वाहन मालिक व वाहन चालकों पर पर नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी थी. बाद में हिंदु समाज की बैठक में तीन मार्च को बालूमाथ बंद बुलाने का निर्णय लिया गया था.


 
बैठक में बालूमाथ थाना में पदस्थापित एक एएसआई पर रामनवमी जुलूस के दौरान धक्का-मुक्की और अभद्रता का भी आरोप भी लगाया गया था. बंद को लेकर पुलिस प्रशासन भी अलर्ट मोड में  नजर आयी.

 

 

 

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