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पूर्णिया नरसंहार के पीड़ित परिवार से मिले बंधु तिर्की, कहा - यह मानवता पर कलंक

Ranchi: बिहार के पूर्णिया जिले के टेटगामा गांव में 6-7 जुलाई की रात एक ही आदिवासी परिवार के पांच सदस्यों की नृशंस हत्या ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है. अंधविश्वास और डायन-बिसाही के आरोप में परिवार को जिंदा जलाकर मार डाला गया. इस अमानवीय घटना के विरोध में झारखंड कांग्रेस की एक पांच सदस्यीय टीम ने कार्यकारी अध्यक्ष बंधु तिर्की के नेतृत्व में टेटगामा गांव पहुंचकर पीड़ित परिवार से मुलाकात की. बंधु तिर्की ने इसे  मानवता पर कलंक बताते हुए सरकार से उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच, फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई, तत्काल मुआवजा और स्थायी सुरक्षा की मांग की.


डायन बताकर परिवार को जलाया गया जिंदा, शवों को खेत में फेंका गया


रजीगंज पंचायत के टेटगामा गांव में बाबूलाल उरांव (40), उनकी पत्नी सीता देवी (35), मां कातो देवी (65), बेटा मंजीत उरांव (25) और बहू रानी देवी (23) को गांव के ही कुछ लोगों ने डायन करार देकर पहले बेरहमी से पीटा, फिर पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जला दिया. इसके बाद शवों को बोरे में भरकर खेत के गड्ढे में फेंक दिया गया. मुख्य आरोपी तांत्रिक नकुल उरांव समेत तीन गिरफ्तार, 23 नामजद, 150 अज्ञात पर केस दर्ज


पीड़ित परिवार के परिजनों का आरोप है कि इस दिल दहला देने वाली घटना का मास्टरमाइंड स्थानीय तांत्रिक नकुल उरांव है, जिसने गांव वालों को उकसाया. नकुल उरांव, उसके सहयोगी छोटू उरांव और मोहम्मद सनाउल को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है. 23 नामजद और 150 अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.


गांव में भय का माहौल, बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव


कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल ने पाया कि गांव में शुद्ध पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य, शिक्षा और रोजगार जैसी बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है. अंधविश्वास, डर और दबंगई वहां के लोगों के जीवन का हिस्सा बन चुकी है.
बंधु तिर्की ने पूर्णिया के डीएम और एसपी से मिलकर गांव की स्थिति सुधारने, दोषियों को सख्त सजा दिलाने और पीड़ित परिवार को मुआवजा देने की मांग की.


झारखंड कांग्रेस ने रखीं ये प्रमुख मांगें


•    मामले की उच्चस्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाए
•    फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई कर दोषियों को कठोर सजा दी जाए
•    पीड़ित परिवार को तत्काल मुआवजा और स्थायी सुरक्षा प्रदान की जाए
•    अंधविश्वास और डायन प्रथा के खिलाफ व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जाए
•    आदिवासी और दलित समुदायों के लिए विशेष शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका योजनाएं लाई जाएं


कांग्रेस की जांच टीम में प्रदेश महामंत्री अमूल्य नीरज खलखो, जोसाईं मार्डी, सोमनाथ मुंडा और राज उरांव शामिल थे.

 

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