Ranchi : सेंट्रल कोलफील्ड्स लिमिटेड (सीसीएल) के बरका-सयाल क्षेत्र ने वित्तीय वर्ष 2025-26 में अपने स्थापना काल का सर्वश्रेष्ठ उत्पादन किया है. ओबीआर और डिस्पैच में नई उपलब्धियां हासिल की हैं. क्षेत्र ने 87.43 लाख टन कोयला उत्पादन किया, जो लक्ष्य का 97% है. पिछले वर्ष के 81 लाख टन की तुलना में 8% अधिक है.
वहीं, 236.79 लाख क्यूबिक मीटर ओबीआर दर्ज किया गया, जो लक्ष्य का 146% है और इसमें 38% की वृद्धि हुई है. कंपोजिट उत्पादन 292.75 लाख क्यूबिक मीटर (133%) तथा डिस्पैच 80.4 लाख टन रहा, जो 5% की वृद्धि दर्शाता है.
रैक डिस्पैच के मामले में भी क्षेत्र में कुल 2063 रैक भेजे, जो पिछले वर्ष के 1725 रैक से 20% अधिक है. यह उपलब्धि श्रमिकों की मेहनत और प्रबंधन की रणनीति का परिणाम मानी जा रही है. क्षेत्र ने 16.2 मिलियन क्यूबिक मीटर ओबीआर हटाने का वार्षिक लक्ष्य 16 दिसंबर 2025 को ही, तय समय से 105 दिन पहले पूरा कर लिया.
वहीं, 14 दिसंबर को एक दिन में 1 लाख क्यूबिक मीटर ओबीआर हटाने का रिकॉर्ड भी बनाया गया. नॉर्थ उरीमारी सीएचपी-साइलो प्रोजेक्ट ने भी बेहतर प्रदर्शन किया. यहां से 47.02 लाख टन डिस्पैच हुआ, जो पिछले वर्ष की तुलना में 62% अधिक है. रैक संख्या 755 से बढ़कर 1193 पहुंच गई. परियोजना की क्षमता 4.5 एमटीवाई से बढ़ाकर 6 एमटीवाई की गई है.
सतत विकास के तहत पर्यावरण-अनुकूल कोयला परिवहन को बढ़ावा दिया गया है. बलकुदरा में इको-पार्क और 5 मेगावाट सौर ऊर्जा संयंत्र स्थापित किया गया है. साथ ही अमृत सरोवर और माइनिंग टूरिज्म जैसी योजनाओं से क्षेत्र में पर्यावरण संरक्षण और रोजगार को भी बढ़ावा मिला है.
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