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पटना कोचिंग विवाद पर बोले बीबीएमकेयू कुलपति, क्रोध नहीं, संवाद है हर विवाद का समाधान

Dhanbad: विनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय (बीबीएमकेयू) के कुलपति डॉ. राम कुमार सिंह ने पटना में हाल के कोचिंग संस्थानों से जुड़े विवाद पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि ऐसे विवाद अक्सर प्रतिस्पर्धा और आपसी प्रतिद्वंद्विता के कारण सामने आते हैं. उन्होंने कहा कि किसी भी परिस्थिति में व्यक्ति को क्रोध से बचना चाहिए क्योंकि क्रोध निर्णय क्षमता को प्रभावित करता है और कई बार स्थिति को और अधिक जटिल बना देता है. उन्होंने कहा कि संवाद, धैर्य और संयम के माध्यम से हर विवाद का समाधान संभव है. समाज और शिक्षा जगत से जुड़े लोगों को सकारात्मक सोच के साथ समस्याओं का समाधान तलाशना चाहिए. उनका मानना है कि क्रोध अंततः विनाश का कारण बनता है जबकि संवाद और समझदारी विकास का मार्ग प्रशस्त करते हैं.

 


डॉ. सिंह रविवार को आईआईटी (आईएसएम) धनबाद के पेनमैन ऑडिटोरियम में आयोजित मार्गदर्शन 4.0 कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित कर रहे थे. विद्यार्थियों के शैक्षणिक, करियर एवं व्यक्तित्व विकास के उद्देश्य से धनबाद कोचिंग एसोसिएशन द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में जिले के 52 कोचिंग संस्थानों से लगभग 520 विद्यार्थी अपने अभिभावकों के साथ शामिल हुए.कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों को करियर चयन, उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी को लेकर विभिन्न शिक्षाविदों एवं विशेषज्ञों का मार्गदर्शन प्राप्त हुआ.साथ ही बोर्ड परीक्षाओं और विभिन्न शैक्षणिक क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित भी किया गया.

 


अपने संबोधन में कुलपति ने कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता.जीवन में लक्ष्य प्राप्त करने के लिए निरंतर प्रयास, अनुशासन, समय प्रबंधन और सकारात्मक सोच आवश्यक है. उन्होंने छात्रों से कहा कि असफलताओं से घबराने के बजाय उन्हें सीख के रूप में स्वीकार करें और अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ते रहें.

 


तकनीक और शिक्षा के बदलते स्वरूप पर चर्चा करते हुए उन्होंने कहा कि आज के दौर में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) शिक्षा का एक महत्वपूर्ण साधन बनकर उभरा है. विद्यार्थी एआई की मदद से नई जानकारियां प्राप्त कर सकते हैं और अपनी पढ़ाई को अधिक प्रभावी बना सकते हैं. हालांकि उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीक कभी भी गुरु का स्थान नहीं ले सकती.

 


उन्होंने कहा कि गुरु केवल ज्ञान ही नहीं देते, बल्कि जीवन के मूल्यों, संस्कारों और सही दिशा का भी मार्गदर्शन करते हैं. इसलिए विद्यार्थियों को अपने शिक्षकों के प्रति सम्मान बनाए रखना चाहिए और उनसे प्राप्त ज्ञान को जीवन में उतारने का प्रयास करना चाहिए.

 


धनबाद कोचिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष मनोज सिंह ने बताया कि मार्गदर्शन 4.0 का उद्देश्य विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना, उन्हें सही करियर दिशा देना तथा शिक्षा के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित करना है.उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता के पीछे शिक्षकों और अभिभावकों की महत्वपूर्ण भूमिका होती है इसलिए उन्हें भी सम्मानित किया गया.

 


उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उन्हें अपने करियर तथा उच्च शिक्षा के लिए सही दिशा चुनने की प्रेरणा देते हैं.कार्यक्रम में बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं, अभिभावक, शिक्षक एवं शिक्षाविद उपस्थित रहे.

 

 

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