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Bengal News: बंगाल में फाइलों की सुरक्षा का आदेश जारी, खुलेगा कच्चा चिट्ठा !

Lagatar Desk: बंगाल में चुनाव परिणाम के बाद राज्य के मुख्यसचिव ने प्रशासनिक फाइलों की सुरक्षा को लेकर सख्त आदेश जारी किया हैं. सभी विभागीय सचिवों और कार्यालय प्रमुखों को निर्देश दिया गया है कि कोई भी महत्वपूर्ण फाइल या दस्तावेज दफ्तर से बाहर न ले जाया जाए, न ही उसे नष्ट या नुकसान पहुंचाया जाए. दस्तावेजों की अनधिकृत कॉपी या स्कैनिंग पर भी रोक लगा दी गई है.

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विभागीय सचिवों और कार्यालय प्रमुखों को व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड की सुरक्षा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है. यह आदेश चुनावी परिणामों के बीच प्रशासनिक अनुशासन और फाइलों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के उद्देश्य से जारी किया गया है. यह कदम प्रशासनिक जवाबदेही को मजबूत करने के प्रयास के रूप में देखा जा रहा है.

 

बंगाल में बीजेपी सरकार बनने के बाद TMC के काले कारनामों की फाइलें अब “सुरक्षित” नहीं रहने वाली है. हाल में कई फाइलें गायब हुई, जिसमें I-PAC छापेमारी के दौरान वाली फाइल, नवान्न में ग्रीन फाइलें जो CM के आने के बाद उड़ गईं. इसके अलावा कोयला घोटाला, चिटफंड, राशन घोटाला, भर्ती घोटाला और मनी लॉन्ड्रिंग की सारी फाइलें अब खुलकर सामने आएंगी.

 

पहले “फाइलों की सुरक्षा” के नाम पर TMC सरकार पुलिस-प्रशासन का इस्तेमाल सबूत मिटाने में करती थी. जब ED-CBI छापा मारती, तो मुख्यमंत्री खुद सैकड़ों पुलिसकर्मियों के साथ मौके पर पहुंच जातीं और “सुरक्षा” का ड्रामा रचकर महत्वपूर्ण सबूत गायब करवा देती थीं. कोर्ट ने कई बार फटकार लगाई, लेकिन काली फाइलें फिर भी “सुरक्षित” रह जाती थीं यानी अपराधी सुरक्षित रहते थे.

 

अब काला खेल खत्म !

अब BJP सरकार बनते ही ये खेल खत्म होने का अनुमान जताया जा रहा है. केंद्र की एजेंसियों को राज्य में अब कोई राजनीतिक रोड़ा नहीं रहेगा. नई SIT, CBI, ED की जांच तेज हो जाएगी. TMC के 15 साल के लूट पर ‘श्वेत-पत्र’ जारी होगा. गायब की गई फाइलों, डेटा और लैपटॉप— सबका हिसाब ब्याज समेत लिया जाएगा. संदेशखाली, पोस्ट-पोल हिंसा, महिलाओं पर अत्याचार की फाइलें भी अब “सुरक्षित” नहीं रहेंगी.

 

TMC वाले अब रो-रोकर “राजनीतिक बदला” चिल्लाएंगे, लेकिन जनता ने 2026 में फैसला दे दिया है. फाइलों की असली सुरक्षा तब होगी, जब वो TMC के चंगुल से निकलकर जांच एजेंसियों और कोर्ट तक पहुंचेंगी.

 

“फाइलों की सुरक्षा” का पुराना आदेश तो सबूत बचाने का बहाना था. नया आदेश अब सच्चाई उजागर करने का होगा. बंगाल में परिवर्तन पूरा हो गया है अब लूट-खसोट के खातों का हिसाब शुरू होने वाला है.

 

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