Bengaluru/Bihar : बेंगलुरु में गैस सिलेंडर से हुए हादसे ने बिहार के दो घरों के चिराग बुझा दिए. बिहार के पांच युवक बेंगलुरु में रहकर काम करते थे. 9 जनवरी की सुबह वह कमरे में गैस से चाय बना रहे थे, तभी अचानक गैस रिसाव होने लगा.
जब तक ये लोग कुछ समझ पाते आग पूरे कमरे में फैल चुकी थी. आग इतनी तेजी से फैली कि पांचों युवक इसकी चपेट में आ गए. पूरा कमरा धुएं और आग की लपटों से भर गया, जिससे वहां अफरातफरी मच गई.
इनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग जुटे और हिम्मत करके सबको बाहर निकाला गया. सूचना पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और जांच शुरू की. युवकों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेंगलुरु के विक्टोरिया अस्पताल एंड रिसर्च सेंटर में भर्ती कराया गया.
सभी को आईसीयू में रखा गया. जिसमें से एक मुजफ्फर अली ने 14 जनवरी को इलाज के दौरान दम तोड़ दिया. जबकि गुरुवार की सुबह खलील मियां की भी इलाज के दौरान मौत हो गई.
मृतकों की पहचान सारण के गुरदाहां खुर्द गांव निवासी मुजफ्फर अली और अरबाज अली के पुत्र खलील मियां के रूप में हुई है. दोनों की मौत की खबर से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है और हर आंख नम है. ग्रामीण शोक संतप्त परिजनों को ढांढस बंधा रहे हैं.
बताया जा रहा है कि सभी युवक बेहतर भविष्य और परिवार की आर्थिक स्थिति सुधारने के लिए बेंगलुरु गए थे, लेकिन एक पल की इस दुर्घटना ने न सिर्फ दो जिंदगियां छीन लीं, बल्कि पूरे गांव को गहरे दर्द में डुबो दिया.
वहीं, हादसे में झुलसे तीन अन्य युवक अभी भी विक्टोरिया अस्पताल में भर्ती हैं. डॉक्टरों के मुताबिक उनकी हालत गंभीर लेकिन फिलहाल स्थिर है और वे लगातार निगरानी में इलाजरत हैं.
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