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बेरमो: प्रशासन ने गोमिया में आवास बोर्ड के 57 मकानों को खाली कराया

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Bermo: हाईकोर्ट के आदेश के बाद बुधवार को जिला प्रशासन ने कार्रवाई की. आदेश का पालन करते हुए प्रशासन ने गोमिया स्थित आवास बोर्ड के मकान को अवैध कब्जे से मुक्त कराया. सभी 57 आवासों से अवैध कब्जा हटाने के बाद प्रशासन द्वारा ताला लगाकर सील कर दिया गया. बता दें कि यहां 25-26 वर्षों से आवास बोर्ड के मकान पर कई लोग अवैध रूप से रह रहे थे. आवास बोर्ड के अधिकारी कई बार आवास खाली कराने का प्रयास किये थे, लेकिन वे नाकाम रहे थे. इस बार हाईकोर्ट के आदेश पर बेरमो अनुमंडल के पुलिस और प्रशासन मुस्तैदी के साथ आवास खाली कराने के दिशा में सक्रिय थे. बता दें कि इसके पहले 12 जून को झारखंड राज्य आवास बोर्ड के गोमिया (आईईएल) स्थित अवैध अतिक्रमित आवास को खाली कराने के लिए प्रशासन की ओर से आदेश दिया गया था. लेकिन विधायक, पूर्व विधायक और राजनीतिक दल के नेताओं के हस्तक्षेप के कारण जिला प्रशासन द्वारा अवैध कब्जा धारियों को आवास स्वतः खाली करने के लिए पांच दिन का समय दिया गया था. फिर भी आवास नहीं खाली किया गया. पुनः प्रशासन द्वारा 19 जून को आवास खाली करने का आदेश दिया. तब आवास बोर्ड में रह रहे लोगों ने अनुनय विनय कर और दो दिन का मोहलत लिया था. इसके बाद प्रशासन सख्त हुआ. बुधवार को बेरमो के एसडीओ अनंत कुमार, एसडीपीओ सतीश चंद्र झा, बीडीओ कपिल कुमार, सीओ संदीप अनुराग टोपनो, डॉ सुरेश प्रसाद, सीआई लाल मोहन दास, इंस्पेक्टर मनोज कुमार गुप्ता, आईईएल थाना प्रभारी आशीष कुमार और गोमिया थाना प्रभारी आशीष खाखा सहित बेरमो अनुमंडल के पुलिस कर्मी पहुंचे. उन्होंने आवास को कब्जे से मुक्त कराया. आवास खाली कराने में प्रशासन को किसी भी तरह का बल प्रयोग नहीं करना पड़ा. वहीं आवास बोर्ड के कर्मचारी राम सुरेश झा ने बताया कि गोमिया में आवास बोर्ड के 1010 आवास हैं. कोर्ट का आदेश था. इसलिए हटाया गया. इसे भी पढ़ें- बुलडोजर">https://lagatar.in/ups-yogi-governments-affidavit-in-sc-on-bulldozer-action-said-action-has-been-taken-as-per-rules/">बुलडोजर

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आवास में मनोज वर्मा, रेणु देवी, राजू गोस्वामी और पूनम देवी सहित कई लोग थे. उन्होंने बताया कि प्रशासन द्वारा इस बरसात के मौसम में उन्हें घर से बाहर निकाल दिया है. अब हमलोग कहां रहेंगे. रोजाना सौ दो सौ रुपये कमाकर परिवार का भरण पोषण कर रहे थे. अब लाखों रुपये देकर कहां से आवास बोर्ड का आवास खरीद सकेंगे. उन्होंने कहा कि प्रशासन से यही मांग है कि हमलोगों पर दया करते हुए प्रधानमंत्री आवास दिया जाय. इसे भी पढ़ें- रांची">https://lagatar.in/court-refuses-to-grant-bail-to-ranchi-violence-accused-mo-arif-bail-application-rejected/">रांची

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