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बेरमो: महंगाई की मार से जीना मुहाल

Bermo: बढ़ती महंगाई आमलोगों के लिए मुसीबत बन चुकी है. बाजार में हर चीज की कीमत बढ़ती जा रही है. किराना से लेकर दवा तक की कीमत में वृद्धि हुई है. बढ़ी कीमत से हर वर्ग परेशान है. कपड़ा से लेकर दवा, मीट मछली, सब्जी और राशन सामग्री के दामों में वृद्धि से घर का बजट बिगड़ गया है. महंगाई से त्रस्त लोगों की स्थिति जानने के लिए लगातार">https://lagatar.in/">लगातार

मीडिया की टीम बाजार पहुंची. टीम ने लोगों से बात कर उनका हाल जाना. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/7-6.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> बाजार निकली श्रीमती देवी बेरमो के कथारा बस्ती की निवासी हैं. उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण थाली से सब्जी गायब हो गया. एक सब्जी से काम चलाना पड़ता है. कभी-कभी वह भी नसीब नहीं होता है. आलू हो या कोबी सभी की कीमत बढ़ चुकी है. बाजार में अब सब्जी उसकी कीमत देखकर लेने पड़ता है. पहले ऐसी बात नहीं थी. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/11-9.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> गोमिया बस्ती के निवासी सुरेश नायक फेरी कर दुकान चलाते हैं. वे दवा खरीदने दुकान पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि पैर में चोट लगी है. चिकित्सक से दिखाया तो डेढ़ हजार रुपए का दवा लिखा. टेस्ट से लेकर दवा में तीन हज़ार रुपए खर्च हो चुके हैं. इस माह अब दूसरे मद में खर्च की कटौती करनी पड़ेगी तभी घर के बजट में कुछ सुधार होगा. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/8-6.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> गोमिया के चौधरी टोला के दीपक यादव मजदूरी करते हैं. रोज कमाते हैं, रोज खाते हैं. उन्होंने कहा कि पहले जब इच्छा होती थी तो मीट मछली के साथ भोजन करते थे. अब कभी-कभी ही खरीद पाते हैं. अब तो विशेष अवसर या मेहमान आने पर या त्योहार होने पर मछली बनाते हैं और खाते हैं. इसे भी पढ़ें- TMC">https://lagatar.in/controversial-tmc-mp-mahua-moitra-said-does-not-want-to-live-in-an-india-where-bjps-patriarchal-brahminical-outlook-dominates/">TMC

सांसद महुआ मोइत्रा ने कहा, ऐसे भारत में नहीं रहना चाहती, जहां भाजपा का पितृसत्तात्मक ब्राह्मणवादी दृष्टिकोण हावी है
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alt="" width="600" height="400" /> गोमिया के गंझूडीह के अंकित करमाली छात्र हैं. टी शर्ट खरीदने दुकाने पहुंचे थे. लेकिन कपड़े की कीमत सुनकर मायूस हो गये. उन्होंने कहा कि अभिभावक मजदूर हैं. बड़ी मुश्किल से जिंदगी कट रही है. ऐसे में एक टी शर्ट खरीदना भी अब मुश्किल हो रहा है. इस महंगाई ने हमारी जिंदगी चुनौतीपूर्ण बना दी है. https://lagatar.in/wp-content/uploads/2022/07/10-6.jpg"

alt="" width="600" height="400" /> गोमिया सिनेमा हॉल के निवासी संजीत वर्णवाल फल बेचते हैं. उन्होंने कहा कि आमदनी कम होने के कारण बजट गड़बड़ा गया है. बच्चों के शिक्षा से लेकर जीवनयापन में कठिनाई हो रही है. हर चीज महंगी हो गयी है. इसलिए अब बहुत सोचकर चलना पड़ता है. कटौती कर जरूरत के अनुसार सामान खरीदते हैं. इसे भी पढ़ें- रूपा">https://lagatar.in/roopa-tirkey-case-dsp-pramod-mishra-filed-a-petition-in-the-high-court/">रूपा

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