Bermo : जेबीसीसीआई के 11वें वेतन समझौते को लेकर एक तरफ स्वागत हो रहा है, तो दूसरी तरफ इंटक ने इसपर असंतोष ज़ाहिर किया है. राष्ट्रीय खान मजदूर फेडरेशन (इंटक) के महासचिव एसक्यु ज़मा ने प्रेस रिलीज़ ज़ारी कर कहा है कि जेबीसीसीआई की आठवीं बैठक में किया गया वेतन समझौता सम्मानजनक नहीं है. उन्होंने कहा है कोयला मजदूरों को 19 प्रतिशत बढ़ोतरी देने पर सहमति बनी है जो किसी भी मानक से सम्मानजनक नहीं है. कहा कि 8 वें वेतन समझौते में 24 फ़ीसदी, 9वें वेतन समझौतेन में 25 फीसदी औरर दसवें वेतन समझौते में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की गई थी. दसवें वेतन समझौते से भी एक फीसदी के कम पर सहमति बनाना कोयला मजदूरों के साथ अन्याय व अपमान से कम नहीं है. कहा कि 10वें वेतन समझौते के बाद हजारों की संख्या में मजदूर कम होने के बावजूद और कोविड महामारी के प्रकोपो को झेलते हुए उत्पादन, उत्पादकता में बढ़ोत्तरी व लाभ को ध्यान में रखते कम से कम 30 प्रतिशत की बढ़ोत्तरी होनी चाहिए. उन्होनें कहा कि बैठक के दौरान चली घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि चारों केन्द्रीय मजदूर संगठनों के कुछ प्रतिनिधियों ने कोल इंडिया व कोयला मंत्रालय के साथ गुप्त समझौता कर पहले ही भूमिका बना ली थी. यह">https://lagatar.in/bokaro-after-the-drought-the-cold-increased-the-problem-the-potato-crop-started-getting-ruined/">यह
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