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बेरमो : कम पैसे की वजह से पूरा नहीं हो पा रहा है प्रधानमंत्री आवास योजना

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Bermo :  हर एक व्यक्ति का सपना होता है कि उसका एक अदद मकान हो. इसी उद्देश्य को पूरा करने के लिए गरीबों को आवास योजना का लाभ देने के लिए सरकार पैसा मुहैया कराती है. शुरुआती दौर में इंदिरा आवास योजना के तहत यह काम किया जा रहा था. बाद के दिनों में इस योजना का नाम प्रधानमंत्री योजना हो गया और उसकी राशि में भी बढ़ोतरी की गई है, लेकिन जिस प्रकार इन दिनों महंगाई है और सभी चीजों के दामों में अत्यधिक वृद्धि हुई है, उस हालत में प्रधानमंत्री आवास के लाभुक आवास योजना को पूरा करने में असफल साबित हो रहे हैं. इसी निमित्त गोमिया प्रखंड के चतरोचट्टी पंचायत का लगातार मीडिया ने जायजा लिया. बता दें कि चतरोचट्टी पंचायत में 39 आवास योजना चल रही है. इस योजना के अंतर्गत अनुसूचित जाति के 16, अनुसूचित जनजाति के 7, अल्पसंख्यक समुदाय के 10 और ओबीसी के 6 आवास योजना का निर्माण कार्य काफी लंबे समय से लंबित है. इस संबंध में प्रधानमंत्री आवास योजना के लाभुकों ने बताया कि आवास निर्माण में वे खुद भी काम करती हैं. इसके बाद भी आवास योजना का काम पूरा नहीं हो पाता है. इसे भी पढ़ें–चाकुलिया">https://lagatar.in/chakulia-mla-laid-foundation-stone-for-pcc-road-construction-work/">चाकुलिया

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मंहगाई के कारण आवास योजना को पूरा करना नामुमकिन- ग्रामीण

वहीं उन्होंने बताया कि आवास निर्माण के लिए करीब दस हजार ईंट का दाम 40 हजार, सरिया चार क्विंटल का 32 हज़ार, सीमेंट 150 बोरी का 60 हज़ार, चिप्स दो सौ सीएफटी का 15 हज़ार, बालू का 18 हज़ार, मजदूरी, सेंटरिंग ढलाई, और पेंट का खर्च 60 हज़ार लागत है.  सरकार एक लाख तीस हजार सामग्री का तथा 21 हज़ार मजदूरी का खर्च देती है. इस परिस्थिति में प्रधानमंत्री आवास योजना का काम पूरा नहीं हो पाता है. इन योजनाओं के लाभुकों में जो थोड़ा संपन्न है या सामर्थ हैं, वे इस योजना के काम को पूरा कर पाते हैं. लेकिन जो बिल्कुल इस योजना के हकदार हैं अलबत्ता वे पूरी तरह से आवास योजना को पूरा करना नामुमकिन है. चतरोचट्टी पंचायत के मुखिया महादेव महतो ने कहा कि उनके पंचायत में 39 प्रधानमंत्री आवास योजना का काम चल रहा है, लेकिन ऐसा लगता है कि सभी लाभुक इस योजना को पूरा करने में लगे हुए हैं लेकिन महंगाई के कारण उन्हें कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा हैं. इसे भी पढ़ें–घाटशिला">https://lagatar.in/ghatshila-governor-is-reluctant-to-open-the-envelope-of-election-commission-ramdas/">घाटशिला

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आवास योजना के लाभुक का नाम, कितना पूरा कितना अधूरा

7 लाभुकों का छत तक काम हुआ है. बाकी सभी लाभुक का काम बालू के अभाव में रुका हुआ है. अनुसूचित जाति के लाभुक पार्वती देवी, चिंता देवी, सरिता देवी, संतोष भुइयां, कंचन देवी, आलो देवी, नारायण भुइयां, शोभा देवी, पूजा देवी, अनासी देवी, सोनू अम्बेडकर, बबीता देवी, दिलीप रविदास, प्रिया देवी, कविता देवी और कंचन देवी. अनुसूचित जनजाति के लाभुक मंत्री देवी, रीना देवी, बबीता देवी, रीना देवी, सीमा देवी, आशा देवी, कौशल्या देवी अल्पसंख्यक समुदाय के लाभुक कहकशा प्रवीण, हमीदा खातून, युसूफ अंसारी, अफसाना खातून, समीना, हदीसा खातून, अमीना खातून, अनवरी खातून, शेर खातून, शाहनवाज खातून ओबीसी के लाभुक हेमंती देवी, बेबी देवी, मीना देवी, कुंती देवी, सुरेंद्र केसरी. इसे भी पढ़ें–जमशेदपुर">https://lagatar.in/jamshedpur-missing-rythus-body-recovered-from-the-pit-of-the-house/">जमशेदपुर

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