style="color: #0000ff;">लगातार मीडिया की टीम ने विषय को गंभीरता से उठाया और इसे समझने छात्रों की बीच पहुंची. [caption id="attachment_378629" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> प्रत्युष आदित्य[/caption] तेनुघाट डिग्री कॉलेज के छात्र प्रत्युष आदित्य ने कहा कि वह डिग्री कॉलेज से पास आउट हो गये, लेकिन छात्र संघ का चुनाव नहीं हो सका. कहा कि जब से बिनोद बिहारी महतो कोयलांचल विश्वविद्यालय बना है, तब से वे छात्र संघ के चुनाव की मांग करते रहे हैं. लेकिन यूनिवर्सिटी प्रबंधन ने इस ओर कोई भी ध्यान नहीं दिया. लिहाजा छात्रों को एक लीडर की कमी हमेशा बनी रही. उन्होंने कहा कि वे अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के अभी प्रदेश कार्यकारिणी के सदस्य हैं. छात्र संघ के चुनाव के लिए लगातार अपनी बात कहते रहे हैं. [caption id="attachment_378634" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> गुंजन सिन्हा[/caption] कॉलेज के सेमेस्टर 6 के छात्र गुंजन सिन्हा कहते हैं कि डिग्री कॉलेज में छात्र जैसे-तैसे कॉलेज पहुंचते थे. उन्हें एक अदद बस की आवश्यकता थी. लेकिन इस बात को कहने के लिए एक लीडर की आवश्यकता है जो नहीं है. अब ऐसे में समस्या वहीं के वहीं है. इस पर प्रबंधन को गंभीर होना चाहिए. [caption id="attachment_378637" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> यशराज सिंह[/caption] सेमेस्टर थर्ड के छात्र यशराज सिंह का कहना है कि क्लास रूम में पंखे की व्यवस्था नहीं है. यदि संघ होता तो उसकी बात को दमदार तरीके से प्रबंधन के समक्ष रखता. अब कोई सुननेवाला नहीं है. सेमेस्टर थर्ड के एक और छात्र. [caption id="attachment_378640" align="aligncenter" width="600"]
alt="" width="600" height="400" /> जयराज सिंह[/caption] जयराज सिंह ने कहा कि कॉलेज से ही नेता का निर्माण होता है. लेकिन विश्विद्यालय छात्रों को इस अवसर से अलग रखे हुए है. अभी भी वक्त है कि शीघ्र छात्र संघ का चुनाव कराएं, ताकि विद्यार्थियों को निखरने का मौका मिल सके. इसे भी पढ़ें- मानसून">https://lagatar.in/monsoon-session-resolution-of-arrears-of-jharkhand-taxation-acts-bill-2022-passed/">मानसून
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