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बेथेसदा बालिका स्कूल में 173वां स्थापना दिवस हर्षोल्लास से मनाया गया

बेथेसदा कंपाउंड स्थित बालिका उच्च विद्यालय में 173वां बेथेसदा दिवस मनाया गया. इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए.
 

Ranchi : बेथेसदा कंपाउंड स्थित बालिका उच्च विद्यालय में 173वां बेथेसदा दिवस मनाया गया. इस दौरान कई सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित हुए. इस अवसर पर मुख्य अतिथि जीईएल चर्च के मॉडरेटर मार्शल केरकेट्टा, बिशप सीमांत तिर्की, जॉन कंडुलना शामिल हुए.

 

इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि बेथेसदा छोटानागपुर का पहला बालिका विद्यालय है, जो लंबे समय से शिक्षा के क्षेत्र में अलख जला रहा है. आज भी यहां के विद्यार्थी देश विदेश मे उच्चे ओहदे पर पदस्थापित है. चाहे वह इंजीनियर, प्रशासनिक और मेडिकल के क्षेत्र में अपना सेवा दे रहे है.

 

वर्ष 2025 के वार्षिक माध्यमिक परीक्षा के प्रथम तीन टॉपर्स को सम्मानित किए गए. इसके साथ ही प्रखंड स्तरीय होने वाले टेनिस, कबड्डी प्रतियोगिता में सफल होन वाले विद्यार्थी भी पुरस्कृत हुए.

 

बेथेसदा स्कूल के विकास के लिए बने एक यूनियन

बेथेसदा दिवस पर पूर्व छात्र भी पहुंचे थे. इस दौरान छात्रो ने कहा कि बेथेसदा स्कूल सबसे पुरानी स्कूल है. जो आज भी लोगों को गौरान्वित कर रहा है. हजारों गरीब विद्यार्थियों की आशा की किरण बन चुकी है. पूर्ववर्ती छात्रों ने कहा कि अनुशासन से ही मंजिल को पा सकते है. इसके लिए ईमानदारी और कड़ी मेहनत जरूरी है.

 

क्रिसमस की धूम

बेथेसदा दिवस पर संता क्लॉज ने अतिथियों का भव्य स्वागत किया. स्टेज पर दर्जनों छात्रों ने नागपुरी गीत की बेजोड़ संगीत और नृत्य प्रस्तुत किए. इसमें हैपी क्रिसमस के गीत एवं नृत्य प्रस्तुत किए. गानों की धुन से मौजूद विद्यार्थियों से ताली बजाकर विद्यार्थियों को उत्साहित किया.

जर्जर भवन को दुरुस्त किया जाए   

पूर्ववर्ती छात्रों ने कहा कि बेथेसदा की पुरानी बिल्डिंग जर्जर हो चुकी है. इसके लिए स्कूल प्रबंधक को नये यूनियन बनाए जाए. जर्जर भवन को दुरस्त किया जाए. ताकि छात्रो को अधिक से अधिक सुविधा उपलब्ध हो सके और पढ़ाई को और भी हाईटेक बनाए जा सके.
 
 
नृत्य के माध्यम से दिए पर्यावरण का संदेश

क्लास 8वीं के विद्थियों ने बेथेसदा दिवस पर पर्यावरण प्रदूषण पर नृत्य किए. दर्शकों को अपनी ओर आकर्शित किए. मानव छेड़छाड़ और रासायनिक खाद्य के कारण मिट्टी दूषित हो रहा है. इसकी वजह से उपजाऊ पर बुरा प्रभाव पड़ रहा है. प्राकृतिक संतुलन बिगड़ रहा है.

 

इससे बचने के लिए प्राकृतिक खाद्य के उपयोग से फिर प्रकृति को हरा भरा बनाने के लिए नृत्य प्रस्तुत किए गए. इस अवसर पर पूर्ववर्ती छात्रा डोरंडा थाना इंस्पेक्टर दीपिका प्रसाद, डॉ सॉलोनी होरो, ईस्टर भेंगरा समेत अन्य विद्यार्थियों को संबोधित किया.

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