- साल भर में डॉग बाइट के 14438 और सर्प दंश के 1162 केस
- हर साल कुत्ता काटने से होती है 50 लोगों की मौत
- दस हजार में सिर्फ 72 लोगों के पास ही है कुत्ता पालने का लाइसेंस
- टायफाइड और मलेरिया के भी बढ़े रोगी
शहरी क्षेत्र में मौजूद आवारा कुत्तों का कोई डाटा उपलब्ध नहीं
रांची में आवारा कुत्तों का आतंक दिनों दिन बढ़ता जा रहा है. सदर अस्पताल में प्रतिदिन आवारा कुत्तों के काटने से संबंधित लगभग 200 मामले आ रहे हैं. एंटी रैबीज काउंटर पर भी प्रतिदिन टीकाकरण कराने वालों की लंबी लाइन लग रही है. बताते चलें कि 2013 में राजधानी में पायलट प्रोजेक्ट के तहत रांची नगर निगम ने होप एंड एनिमल ट्रस्ट को कुत्तों के बंध्याकरण व टीकाकरण की जिम्मेदारी दी थी. हालांकि, नगर निगम के पास शहरी क्षेत्र में मौजूद आवारा कुत्तों का कोई डाटा उपलब्ध नहीं है. पिछले दस सालों में ट्रस्ट की ओर से एक लाख चार हजार आवारा कुत्तों का बंध्याकरण किया गया है.टायफाइड और मलेरिया के मरीज भी बढ़े
राज्य में टायफाइड और मलेरिया के मरीजों की संख्या में भी वृद्धि हुई है. वित्तीय वर्ष 2023-24 में राज्य सरकारी अस्पतालों में टायफाइड के 9,871 मामले आए. वहीं मलेरिया के 23,479 मरीजों की जांच की गई. डेंगू के 2,686, डिप्थेरिया के 09, चिकनगुनिया के 11, मिसल्स के 81 मरीजों की जांच की गई.राज्य के सरकारी अस्पतालों में किस रोग के कितने मरीज
बीमारी मरीजों की संख्या डायरिया- 2742 एनक्फैलेटिक्स 04 डॉग बाइट 14438 सर्प दंश 1162 इंफ्लूएंजा 5886 चिकनपॉक्स 116 चिकनगुनिया 11 डेंगू 2686 फीवर विथ रस 2113 मलेरिया 23479 मिसल्स 81 रिस्प्यूरिटरी इंफेकेशन 460 टायफाइड 9871 इसे भी पढ़ें : गठबंधन">https://lagatar.in/ruckus-in-alliance-congress-has-less-seats-in-the-assembly-but-is-showing-the-power-to-get-lok-sabha-elections/">गठबंधनमें रार: कांग्रेस की विधानसभा में सीटें कम, लेकिन लोकसभा निकालने का दिखा रही दम [wpse_comments_template]
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