Search

भारत पर्व : झारखंड की झांकी में दिखेगी हरियाली, वन्यजीव व आदिवासी संस्कृति की झलक

  • भारत पर्व 2026 में झारखंड की झांकी उजागर करेगी इको-टूरिज्म और साहसिक पर्यटन

Ranchi :  गणतंत्र दिवस के अवसर पर दिल्ली के लाल किले में आयोजित होने वाले भारत पर्व 2026 में झारखंड की झांकी इस बार दर्शकों के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र बनेगी. झांकी के माध्यम से राज्य की समृद्ध प्राकृतिक विरासत, बहुमूल्य जैव विविधता और पर्यावरण संरक्षण के प्रति झारखंड की प्रतिबद्धता को प्रभावशाली रूप से प्रदर्शित किया जाएगा.

 

इस वर्ष झांकी की थीम “स्वतंत्रता का मंत्र : वंदे मातरम्” और  “विकसित भारत” रखी गई है, जो प्रकृति, संस्कृति और राष्ट्रनिर्माण के गहरे संबंध को दर्शाती है. झारखंड की झांकी में राज्य की हरियाली, जलस्रोतों की प्रचुरता, आदिवासी समाज का प्रकृति से जुड़े जीवन को दर्शकों के सामने सशक्त रूप से प्रस्तुत किया जाएगा.

 

झांकी में झारखंड के प्रसिद्ध दसम जलप्रपात, समृद्ध वन्यजीव संपदा और इको-टूरिज्म व साहसिक पर्यटन को विशेष रूप से दर्शाया जाएगा. एशियाई हाथी और नीलगाय जैसे वन्यजीव राज्य की जैव विविधता और संरक्षण प्रयासों के प्रतीक बनेंगे.

 

गौरतलब है कि भारत पर्व का आयोजन हर साल पर्यटन मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा गणतंत्र दिवस के अवसर पर किया जाता है. इस बार यह आयोजन 26 जनवरी से 31 जनवरी तक लाल किला परिसर में होगा. 

 

भारत पर्व में झारखंड सहित देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की झांकियां भारत की सांस्कृतिक विविधता, प्राकृतिक धरोहर और विकास यात्रा को प्रदर्शित करेंगी. झारखंड की झांकी राज्य को सतत विकास, पर्यावरण संरक्षण और प्रकृति-आधारित पर्यटन के अग्रणी उदाहरण के रूप में प्रस्तुत करेगी.

 

भारत पर्व में आम जनता के लिए प्रवेश पूरी तरह निःशुल्क रहेगा. यह दोपहर 12 बजे से रात 9 बजे तक खुला रहेगा. दर्शक गणतंत्र दिवस परेड की झांकियों के साथ-साथ विभिन्न राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का भी आनंद उठा सकेंगे.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp