Lagatar Desk : भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर केस में सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई करने से इनकार कर दिया है. जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ ने याचिकाकर्ता को पहले पटना हाईकोर्ट में याचिका दायर करने को कहा है.
सुप्रीम कोर्ट ने स्पष्ट किया कि हाईकोर्ट में उपलब्ध कानूनी विकल्पों का इस्तेमाल करने के बाद ही जरूरत पड़ने पर शीर्ष अदालत का रुख किया जा सकता है. अदालत ने कहा कि पटना हाईकोर्ट इस मामले की सुनवाई के लिए उचित मंच है.
अगर हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद कोई महत्वपूर्ण कानूनी मुद्दा बचता है, तो आगे सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया जा सकता है.
मौत की जांच स्वतंत्र समिति से कराने की मांग
दरअसल भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर मामले में प्रिया मिश्रा की ओर से अधिवक्ता नरेंद्र मिश्रा ने याचिका दाखिल की थी. इसमें भरत भूषण तिवारी की मौत की जांच एक स्वतंत्र समिति से कराने की मांग की गई थी. समिति की निगरानी किसी सेवानिवृत्त सुप्रीम कोर्ट जज की अध्यक्षता में कराने की मांग की गई थी. याचिका में कथित एनकाउंटर में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और घटना के समय मौजूद वरिष्ठ अधिकारियों की भूमिका की जांच की भी मांग की गई थी.
पहले भी सुप्रीम कोर्ट ने नहीं दी थी राहत
इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले भी एक याचिका पर सुनवाई से इनकार कर चुका है. पिछले सप्ताह अधिवक्ता विशाल तिवारी की ओर से दायर याचिका में कथित एनकाउंटर को फर्जी बताते हुए सीबीआई जांच की मांग की गई थी. उस समय भी अदालत ने याचिकाकर्ता को पहले पटना हाईकोर्ट जाने की सलाह दी थी.
अब पटना हाईकोर्ट पर टिकी नजरें
सुप्रीम कोर्ट के लगातार दो बार हस्तक्षेप से इनकार के बाद अब याचिकाकर्ताओं की अगली कार्रवाई पटना हाईकोर्ट में होने की संभावना है. हाईकोर्ट में सुनवाई के बाद ही यह तय होगा कि मामले की जांच किस दिशा में आगे बढ़ेगी.
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