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भोजपुरी भाषा की उपेक्षा के विरोध में भोजपुरी विकास परिषद ने डीसी ऑफिस पर किया प्रदर्शन

Jamshedpur : विश्व भोजपुरी विकास परिषद के बैनर तले जमशेदपुर के भोजपुरी भाषियों ने मंगलवार को उपायुक्त कार्यालय पर प्रदर्शन किया. इस दौरान मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन उपायुक्त को सौंपा गया. परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास तिवारी ने बताया कि सरकार ने झारखंड के तीन जिलों में जेएसएससी की परीक्षा में भोजपुरी को शामिल किया है. इसका परिषद स्वागत करती है, लेकिन मांग है कि इसे सभी 24 जिलों में शामिल करें. झारखंड के 24 जिलों में लगभग 30 लाख से ज्यादा भोजपुरी भाषा समझने और बोलने वाले रहते हैं. ऐसी परिस्थिति में मात्र तीन जिलों में उक्त भाषा के प्रतिभागियों को चयनित होने का अवसर देना अन्याय है. भोजपुरी भाषा एक समृद्ध भाषा है, जिसे झारखंड के सभी लोग बोलते और समझते हैं. इसलिए किसी भी प्रतियोगी परीक्षा में सभी भाषाओं के व्यक्तियों को आदर सम्मान के साथ प्रतिभागी बनने का अवसर मिलना चाहिए. इसे भी पढ़ें : 38">https://lagatar.in/precaution-dose-of-kovid-19-given-to-38-frontline-workers-and-senior-citizens-in-kuchai-and-kharsawan/">38

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इससे झारखंड के चहुंमुखी विकास में भोजपुरी भाषाभाषी के लोग कदम से कदम मिला कर सर्वांगीण विकास में सहभागी बन सकेंगे. उन्होंने मुख्यमंत्री से इस विषय पर गंभीरता से विचार करने का आग्रह किया. साथ ही कहा कि अगर ऐसा नहीं हुआ तो समाज के लोग आंदोलन को विवश होंगे. प्रतिनिधिमंडल में मिथिलेश श्रीवास्तव, मुन्ना चौबे, प्रमोद पाठक, ताराचंद श्रीवास्तव, मनोज सिंह, अधिवक्ता भगवान मिश्रा, राजेन्द्र सिंह, बीर बहादुर सिंह, सुरेंद्र सिंह, उमाशंकर सिंह, अप्पू तिवारी, पवन ओझा, अरुण शुक्ला, गोपाल सिंह, शिव बिहारी राम, श्रीकांत मिश्रा, मुरारी सिंह, कन्हैया साह, साधुशरण लाल समेत अन्य शामिल थे. [wpse_comments_template]

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