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बड़ी उपलब्धि : बेहोश किए बगैर रिम्स में हुई हार्ट की बाईपास सर्जरी, ऑपरेशन के दौरान डॉक्टरों से बातचीत करती रही मरीज

  • रिम्स सीटीवीएस के हेड डॉ. विनित महाजन ने कहा- पिछले 10 वर्षों से देश में कहीं भी नही हुई है हार्ट की अवेक सर्जरी
Ranchi : रिम्स के सीटीवीएस और एनेस्थेसिया विभाग की टीम ने सोमवार को एक और उपलब्धि अपने नाम की. दोनों विभागों द्वारा रिम्स में पहली बार जटिल अवेक कोरोनरी आर्टरी बाईपास ग्राफ्टिंग (अवेक सीएबीजी) सर्जरी सफलतापूर्वक की गई. 57 वर्षीय महिला कुरैशा खातून के हार्ट की समस्या लंबे समय से थी. जांच में पता चला कि उसके कोरोनरी आर्टरी में ब्लॉकेज है. इसे ठीक करने और दिल की धमनियाें में रुकावट को दूरे करने के लिए बाईपास जरूरी है. सभी तरह की जांच के बाद डॉ. विनित महाजन ने बाइपास सर्जरी की प्लान की. सुपर स्पेशियलिटी एनेस्थेसिया के डॉ. शिवप्रिये के साथ मिलकर इस सर्जरी को अंजाम दिया गया.

हृदय में बाईपास ग्राफ्टिंग के दौरान वह पूरी तरह से होश में थी

इस ऑपरेशन में खास यह रहा कि मरीज को बगैर बेहोश किए उसके हार्ट की बाइपास सर्जरी की गई. हृदय में बाईपास ग्राफ्टिंग के दौरान वह पूरी तरह से होश में थी. ऑपरेशन के दौरान वह सामान्य वार्तालाप भी कर रही थी. यह ऑपरेशन लगभग 2-3 घंटे तक चला. डॉ. विनित महाजन ने बताया कि यह अवेक ऑपरेशन पिछले 10 वर्षों में देश भर में कहीं भी नही हुआ है. उनका लक्ष्य है कि रिम्स में इस तरह की सर्जरी रुटीन तौर पर हो. और संस्थान की पहचान सिर्फ राष्ट्रीय ही नही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी लगातार बढ़ती रहे. उन्होंने बताया कि होश में मरीज को रखते हुए हार्ट की सीएबीजी सर्जरी करना बहुत की जटिल ऑपरेशन होता है और उत्तर पूर्व भारत में इस तरह का ऑपरेशन सामान्य तौर पर नहीं होता है. रिम्स के लिए यह एक बड़ी उपलब्धि है. इसे भी पढ़ें – राजीव">https://lagatar.in/cbi-inquiry-should-be-done-in-rajeev-episode-bjp-delegate-demands-from-governor/">राजीव

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