पर गुवाहाटी HC की अहम टिप्पणी, जो एकबार भारतीय हो गया, बाद में विदेशी नहीं होगा
मेदांश अस्पताल प्राइवेट लिमिटेड को जानबूझकर बनाया गया था
ईडी को संदेह है कि मेदांश अस्पताल प्राइवेट लिमिटेड को जानबूझकर बनाया गया था और बाद में इसे पैसे को समायोजित करने के लिए पल्स संजीवनी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड में मिला दिया गया. ईडी ने मनरेगा घोटाले में उनके पति, भाई और अन्य सहयोगियों के खिलाफ छापेमारी की है. अब तक उनके करीबी एक चार्टर्ड अकाउंटेंट के घर से 19.31 करोड़ रुपये नकद जब्त किए हैं. इसे भी पढ़ें-RMC">https://lagatar.in/rmc-city-residents-will-be-able-to-deposit-holding-tax-at-an-increased-rate-from-may-15/">RMC: शहरवासी 15 मई से बढ़ी हुई दर से जमा कर सकेंगे होल्डिंग टैक्स
अस्पताल पल्स संजीवनी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड का हिस्सा
जानकारी के अनुसार अस्पताल पल्स संजीवनी हेल्थकेयर प्राइवेट लिमिटेड का हिस्सा है. जहां उनके पति अभिषेक झा प्रबंध निदेशक हैं. कंपनी को नवंबर 2011 में शामिल किया गया था. इस कंपनी में उनके भाई सिद्धार्थ सिंघल ने अमिता झा (अभिषेक झा की बहन) और दीप्ति बनर्जी के अलावा निदेशक के रूप में कार्य किया. इस कंपनी का आधिकारिक पता रांची में पहली मंजिल, आर्किड कॉम्प्लेक्स, रिम्स के सामने बरियातू में है. इसी पते पर अगस्त 2016 में एक अन्य कंपनी मेदांश हॉस्पिटल प्राइवेट लिमिटेड को शामिल किया गया था. अभिषेक और दीप्ति निदेशक के रूप में शामिल हुए. कंपनी को 2020 में शामिल किया गया था. इसे भी पढ़ें-रांची">https://lagatar.in/night-market-has-not-been-successful-in-ranchi-municipal-corporation-is-now-preparing-to-start-in-morhabadi/">रांचीमें सफल नहीं रहा है नाइट मार्केट, नगर निगम अब मोरहाबादी में शुरू करने की तैयारी में

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