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बिहार : EOU की बड़ी कार्रवाई, RWD इंजीनियर विनोद राय के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति का मामला दर्ज

बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई जारी है. EOU ने आय से अधिक संपत्ति मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के खिलाफ  भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. अब RWD इंजीनियर की तमाम संपत्तियों की जांच की जायेगी. अनुमान है कि आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं.
 

Patna :   बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई जारी है. EOU ने आय से अधिक संपत्ति मामले में ग्रामीण कार्य विभाग के अधीक्षण अभियंता विनोद कुमार राय के खिलाफ  भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है. अब RWD इंजीनियर की तमाम संपत्तियों की जांच की जायेगी. अनुमान है कि आगे की जांच में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. 

 

EOU के पहुंचने से पहले लाखों रुपये के नोट जलाए

बता दें कि EOU ने 22 अगस्त को RWD इंजीनियर विनोद राय के पटना और समस्तीपुर स्थित आवासों पर छापेमारी की थी. इस दौरान उनके आवास से 39 लाख रुपये नकद बरामद हुए थे.  छापेमारी के दौरान एक चौंकाने वाली बात सामने आई कि राय दंपति ने कार्रवाई की भनक लगते ही रातभर में लाखों रुपये के नोट जला दिए थे. टीम जब सुबह घर के अंदर दाखिल हुई, तो वहां जले हुए नोटों का ढेर मिला. 

 

अकेला बता गेट खोलने से मना किया

दरअसल EOU को गुप्त सूचना मिली थी कि सीतामढ़ी में तैनाती के दौरान राय बड़ी मात्रा में कैश लेकर पटना पहुंच रहे हैं. इसी सूचना के आधार पर कार्रवाई की गई. हालांकि राय की पत्नी ने खुद को अकेला बताकर रात में दरवाजा खोलने से इनकार कर दिया. इसके बाद रातभर दंपत्ति ने लाखों रुपये के नोट जलाकर सबूत मिटाने की कोशिश की. 

 

जांच में हुए कई चौंकाने वाले खुलासे

EOU की जांच में कई चौंकाने वाले खुलासे भी हुए. जांच में पता चला है कि राय ने न सिर्फ खुद के नाम पर, बल्कि अपने परिवार के सदस्यों पत्नी बबली राय, बेटी प्रिया राय और बेटे अभिषेक राय के नाम पर भी करोड़ों की संपत्ति अर्जित की है.

 

पटना, दानापुर और कोटा में उनके नाम फ्लैट हैं. जबकि नोएडा में दो ऑफिस स्पेस और गाजियाबाद, फुलवारी व सोनपुर में भी उनकी मिलकियत में कई प्लॉट पाए गए हैं. समस्तीपुर के रोसड़ा इलाके में ही उनके परिवार के नाम पर दो दर्जन से अधिक संपत्तियों की पहचान हुई है, जिनमें कृषि भूमि से लेकर लीज पर ली गई प्रॉपर्टी शामिल हैं. 

 

इतना ही नहीं, राय ने अपनी अवैध कमाई को वैध रूप देने के लिए ठेकेदारों की कंपनियों और अपने रिश्तेदारों के नाम पर खोली गई जीवा कंस्ट्रक्शन कंपनी में भी निवेश किया. इन कंपनियों में निवेश कर वह अपने काले धन को सफेद करता था. 

 

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