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बिहार: EWS के लिए सरकारी परीक्षा में 5% क्वालीफाइंग मार्क्स में छूट की मांग

बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) अभ्यर्थियों को 5% अंकों में छूट देने की मांग तेज हो गई है. EWS को 5% अंक में छूट देने का मुद्दा बिहार विधानसभा में भी उठा. जिस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि, सरकार हाईकोर्ट के आदेश का अवलोकन करेगी.
 

Patna: बिहार में शिक्षक भर्ती परीक्षा में EWS (आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग) अभ्यर्थियों को 5% अंकों में छूट देने की मांग तेज हो गई है. EWS को 5% अंक में छूट देने का मुद्दा बिहार विधानसभा में भी उठा. जिस पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि, सरकार हाईकोर्ट के आदेश का अवलोकन करेगी. उसमें कोई स्पष्ट निर्देश है या केवल विचार करने की बात कही गई है.

 

दरअसल, बीजेपी विधायक मिथलेश तिवारी ने विधानसभा में EWS को 5% अंक में छूट देने का मुद्दा उठाया. उन्होंने कहा कि संविधान का अनुच्छेद 14 स्पष्ट करता है कि राज्य भारत के भूभाग में किसी भी व्यक्ति को कानून के समक्ष समानता और समान संरक्षण से वंचित नहीं रख सकता. उनका कहना है कि जब अन्य आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट मिलती है, तो EWS अभ्यर्थियों को भी क्वालीफाइंग मार्क्स में 5% की राहत मिलनी चाहिए, ताकि उन्हें वास्तविक अवसर मिल सके. 

 

उन्होंने पूछा कि क्या सरकार STET की परीक्षा में EWS अभ्यर्थियों को 5% रिलैक्सेशन देगी? उन्होंने इस संबंध में हाईकोर्ट के आदेश का जिक्र किया है. जिसमें बताया गया है कि कोर्ट ने राज्य सरकार को निर्देश दिया कि आवेदक अपना आवेदन मुख्य सचिव या अतिरिक्त मुख्य सचिव को दे. सरकार इस पर उचित निर्णय ले. कोर्ट ने सरकार को मामले पर विचार कर स्पष्ट निर्णय लेने का संकेत दिया.

 

शिक्षा मंत्री ने जवाब देते हुए कहा कि राज्य सरकार शिक्षक भर्ती परीक्षा में EWS के लिए 10% आरक्षण का प्रावधान लागू कर रही है. उन्होंने स्पष्ट किया कि जिस 5% छूट की बात की जा रही है, वह एक विशेष परीक्षा से संबंधित मांग है. मंत्री सुनील कुमार ने बताया कि EWS को 10% आरक्षण का प्रावधान है, जो TRE में लागू है. हाईकोर्ट के आदेश की बात है तो सरकार अवलोकन करेगी. क्या उसमें कोई स्पष्ट निर्देश है या केवल विचार करने की बात कही गई है.

 

मंत्री भरोसा दिलाया कि मुख्य सचिव स्तर पर मामले का आकलन कर आवश्यक निर्णय लिया जाएगा. सरकार यह भी देखेगी कि अगर नियमों में संशोधन की जरूरत है तो क्या कदम उठाए जा सकते हैं.

 

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