पावर की कमी सबसे बड़ी चुनौती, इसे दूर करना अगला लक्ष्य – केके वर्मा)
एनजीटी ने बिहार को दिये सुझाव
एनजीटी ने उल्लेख किया कि बिहार पर 11.74 लाख मीट्रिक टन से अधिक पुराने कचरे के साथ प्रति दिन उत्पन्न होने वाले 4,072 मीट्रिक टन अशोधित शहरी कचरे के प्रबंधन का बोझ है. उसने कहा कि राज्य में तरल अपशिष्ट उत्पादन और उपचार में 2,193 मिलियन लीटर प्रति दिन का अंतर है. पीठ ने सुझाव दिया कि उपयुक्त जगहों पर खाद बनाने में गीले कचरे का इस्तेमाल करने के लिए बेहतर विकल्पों का पता लगाया जाना चाहिए. कहा कि विकेंद्रीकृत/पारंपरिक प्रणालियों या अन्य में शामिल वास्तविक खर्चों को देखते हुए जलमल उपचार संयंत्रों के लिए व्यय के पैमाने की समीक्षा की जा सकती है. इसे भी पढ़ें : गुजरात">https://lagatar.in/gujarat-promotion-of-68-judicial-officers-including-judge-verma-who-punished-rahul-gandhi-challenges-supreme-court/">गुजरात: राहुल गांधी को सजा देने वाले जज वर्मा सहित 68 न्यायिक अफसरों के प्रमोशन को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती [wpse_comments_template]

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