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बिहार : फंड की कमी से पीएम आवास योजना के 8 लाख से अधिक लाभुकों की किस्तें अटकी

बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आठ लाख से ज्यादा लाभुकों की किस्तें अटक गई हैं. राज्य नोडल खाते में पैसे की कमी होने के कारण लाभुकों को अगली किस्त जारी नहीं हो पा रही है.
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  • नई व्यवस्था के कारण भुगतान बाधित
  • बिहार ने मार्च 2026 तक पुरानी प्रणाली की मांग की
  • बिहार के आठ लाख से ज्यादा लाभुकों को नहीं मिल पा रही अगली किस्त
  • ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र को पत्र लिखकर फंड जारी करने की मांग की

Lagatar Desk :  बिहार में प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के आठ लाख से ज्यादा लाभुकों की किस्तें अटक गई हैं. राज्य नोडल खाते में पैसे की कमी होने के कारण लाभुकों को अगली किस्त जारी नहीं हो पा रही है. इसको लेकर ग्रामीण विकास विभाग ने केंद्र सरकार को पत्र लिखकर तुरंत फंड देने की मांग की है. साथ ही मार्च 2026 तक पुराने तरीके से पैसा जारी करने की भी अनुमति मांगी है.

 

3.88 लाख की दूसरी व 4.20 लाख की तीसरी किस्त बकाया

ग्रामीण विकास मंत्री श्रवण कुमार ने केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान को पत्र लिखकर बताया है कि कई लाभुक अपना घर बनाने का तय चरण पूरा कर चुके हैं. लेकिन फंड की कमी से उन्हें अगली किस्त नहीं मिल रही है. अभी 3.88 लाख लाभुकों की दूसरी किस्त और 4.20 लाख लाभुकों की तीसरी किस्त बकाया है.

 

मंत्री ने यह भी कहा कि जुलाई 2025 में केंद्र ने अचानक नई व्यवस्था एसएनए स्पर्श मॉड्यूल के तहत भुगतान करने की बात कही. लेकिन राज्य के वित्त विभाग को पहले से जानकारी न होने के कारण जरूरी तैयारी नहीं हो सकी. इसलिए मार्च 2026 तक पुरानी प्रणाली से ही भुगतान करने की अनुमति दी जानी चाहिए.

 

बिहार को 12.21 लाख घर बनाने का लक्ष्य

बता दें कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत वित्तीय वर्ष 2024-25 और 2025-26 में बिहार को कुल 12.21 लाख घर बनाने का लक्ष्य मिला है. इनमें से 11.35 लाख परिवारों को पहली किस्त, 7.47 लाख को दूसरी किस्त और 3.26 लाख को तीसरी किस्त मिल चुकी है. इस योजना में हर परिवार को घर बनाने के लिए कुल 1,20,000 रुपये तीन किस्तों में दिए जाते हैं.

 

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