Search

बिहार : गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर व भागलपुर में बनेंगे रिंग रोड, केंद्र की हरी झंडी

Patna : बिहार के चार शहरों में रिंग रोड बनाने पर केंद्र सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है. बिहार सरकार के प्रस्ताव को हरी झंडी देते हुए केंद्र सरकार ने एनएचएआई को गया, दरभंगा, मुजफ्फरपुर व भागलपुर में रिंग रोड के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट बनाने के लिए कहा है. इसके बाद इन शहरों में रिंग रोड का खाका (डीपीआर) तैयार किया जाएगा. रिंग रोड का विधिवत प्रस्ताव लेकर सूबे के पथ निर्माण मंत्री नितिन नवीन ने केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात की. इस मुलाकात के दौरान पथ निर्माण मंत्री ने चारों शहरों में रिंग रोड के निर्माण की आवश्‍यकता बताई.

शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्‍या

केंद्रीय मंत्री के साथ हुई बैठक के बाद पथ निर्माण मंत्री ने बताया कि बिहार की राजधानी पटना के अलावा राज्‍य के कई महत्‍वपूर्ण शहरों में ट्रैफिक जाम की समस्‍या के कारण आम नागरिकों को काफी प‍रेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. पटना में रिंग रोड का निर्माण एनएचएआई द्वारा कराया जा रहा है. लेकिन, पटना के अलावा चार और शहरों में रिंग रोड की आवश्यकता है. प्राथमिकता के आधार पर मुजफ्फरपुर, दरभंगा, भागलपुर और गया में रिंग रोड बनाने का प्रस्ताव दिया गया है. केंद्रीय मंत्री ने बिहार के प्रस्‍ताव पर अग्रेतर कार्रवाई करने का निदेश एनएचएआई के अध्यक्ष को दिया है. प्रस्‍तावित शहरों में रिंग रोड के लिए फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार करने को कहा है.

प्रस्‍ताव पर केंद्रीय मंत्री का सकारात्‍मक रुख : नितिन नवीन

पथ निर्माण मंत्री ने कहा कि केंद्रीय मंत्री का उनके प्रस्‍ताव पर सकारात्‍मक रुख रहा है. केन्‍द्र सरकार का बिहार के सड़क क्षेत्र में सहयोग उत्‍साहवर्द्धक है. रिंग रोड के साथ ही एक्सप्रेस-वे का भी निर्माण हो रहा है. बैठक के दौरान बिहार में चल रही एनएच की अन्य परियोजनाओं पर भी बातचीत हुई. बैठक में मंत्री के साथ पथ निर्माण विभाग के मुख्‍य अभियंता नीरज सक्‍सेना, कार्यपालक अभियंता भास्‍कर मिश्रा भी उपस्थित थे.

क्यों है जरूरी

रिंग रोड के लिए चयनित चारों शहर राज्‍य के प्रमुख जिले हैं. बाहर से आने वाली गाड़ियों को अनावश्‍यक रूप से शहर से होकर गुजरना पड़ता है. इससे शहरवासियों को जाम की समस्‍या से जूझना पड़ रहा है. इस रिंग रोड पर यातायात संपर्कता हेतु फीडर रोड को भी अपग्रेड करने का प्रस्‍ताव है. उपरोक्‍त शहरों के लिए प्रस्‍तावित रिंग रोड से संबंधित विस्‍तृत जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि हाल के वर्षों में यातायात घनत्‍व में अप्रत्‍याशित वृद्धि होने के कारण इन शहरों में रिंग रोड की आवश्यकता महसूस की जा रही है.

ये चारों शहर क्यों

भागलपुर बिहार का तीसरा सबसे बड़ा शहर है. शहर में ट्रैफिक जाम से मुक्ति के लिए रिंग रोड की आवश्‍यकता है. गया एक अंतरराष्ट्रीय धार्मिक एवं पर्यटक स्‍थल है. यहां हिन्‍दु, बौद्ध एवं जैन धर्मावलम्बियों का मिलन स्‍थल है तथा बिहार का दूसरा सबसे बड़ा शहर है. यहां बाईपास अथवा रिंग रोड नहीं रहने से बौद्ध महोत्‍सव, पितृपक्ष आदि अवसरों पर देश-विदेश से आने वाले तीर्थयात्रियों/पयर्टकों को आवागमन में काफी असुविधा होती है. वहीं दरभंगा शहर बिहार के प्राचीनतम शहरों में एक है और पांचवां सबसे बड़ा शहर है. इसे बिहार की सांस्‍कृतिक राजधानी भी कहा जाता है. उत्‍तर बिहार में दरभंगा एकमात्र ऐसा शहर है, जहां व्‍यावसायिक एयरपोर्ट की सुविधा उपलब्‍ध है. यहां कोई बाईपास/रिंग रोड नहीं रहने के कारण शहर में जाम की समस्‍या हमेशा बनी रहती है. वहीं, मुजफ्फरपुर शहर से होते हुए उत्‍तर बिहार के कई जिलों में आना जाना होता है. इस कारण इस शहर पर वाहनों का दबाव अधिक है. शहर में जाम की समस्‍या से आम ना‍गरिकों को परेशानी हो रही है. इसे भी पढ़ें - कश्मीर">https://lagatar.in/power-crisis-deepens-from-kashmir-to-andhra-2-to-8-hours-cut/">कश्मीर

से लेकर आंध्र तक गहराया बिजली संकट, 2 से 8 घंटे की हो रही कटौती
[wpse_comments_template]  

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp