Lagatar Desk : बीकाजी ग्रुप के चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर शिव रतन अग्रवाल का गुरुवार सुबह चेन्नई में निधन हो गया. परिवार के करीबी लोगों के अनुसार, उनकी पत्नी की हाल ही में हार्ट बायपास सर्जरी हुई थी और डॉक्टरों ने उन्हें आराम करने की सलाह दी थी.
इसी वजह से वे पिछले करीब 10 दिनों से चेन्नई में रह रहे थे. गुरुवार सुबह करीब साढ़े सात बजे अचानक उनकी तबीयत बिगड़ी. इसके बाद उन्हें तुरंत एक निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया.
छोटे स्तर से शुरू किया काम
शिव रतन अग्रवाल ने परिवार के पारंपरिक व्यवसाय Haldiram's से अलग होने के बाद खुद का काम शुरू किया और ‘शिवदीप फूड्स प्रोडक्ट्स’ के नाम से भुजिया बनाना शुरू किया. बाद में उन्होंने अपने ब्रांड का नाम ‘बीकाजी’ रखा, जो बीकानेर के संस्थापक राव बीका से प्रेरित है.
बीकाजी प्रोडक्ट्स की विदेश तक पहचान
शिव रतन अग्रवाल ने सिर्फ 8वीं तक पढ़ाई की थी. लेकिन अपने दम पर उन्होंने एक बड़ा ब्रांड खड़ा किया. उन्होंने कई देशों का दौरा कर नई तकनीक सीखी और भुजिया बनाने की प्रक्रिया में मशीनों का इस्तेमाल शुरू किया.
उस समय ज्यादातर भुजिया हाथ से बनती थी. लेकिन बीकाजी ने इसे मशीनों से बनाकर उत्पादन और गुणवत्ता दोनों में सुधार किया. बीकाजी प्रोडक्ट्स भारत के साथ-साथ कई देशों में बिकते हैं. कंपनी अपने स्वाद, पैकेजिंग और गुणवत्ता के लिए जानी जाती है.
कारोबार जगत में शोक की लहर
शिव रतन अग्रवाल के निधन से कारोबार जगत में शोक की लहर है. शिव रतन अग्रवाल के निधन को स्नैक इंडस्ट्री के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है. उन्होंने भारतीय स्वाद को दुनिया भर में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई.
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