Ranchi News: झारखंड आंदोलन के पुरोधा एवं समाज सुधारक स्व. बिनोद बिहारी महतो तथा पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक स्व. राज किशोर महतो की जयंती पर सिल्ली और आजसू पार्टी मुख्यालय, रांची में श्रद्धांजलि कार्यक्रम आयोजित किया गया. इस दौरान दोनों विभूतियों को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके विचारों और संघर्षों को याद किया गया.
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पार्टी अध्यक्ष सुदेश कुमार महतो ने नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ स्व. बिनोद बिहारी महतो की प्रतिमा एवं चित्र पर माल्यार्पण किया. उन्होंने कहा कि बिनोद बिहारी महतो ने शिक्षा को सामाजिक परिवर्तन का माध्यम बनाया और ‘पढ़ो और लड़ो’ का संदेश दिया. वे झारखंड आंदोलन के प्रमुख नेताओं में शामिल रहे. उनका जन्म 23 सितंबर 1923 को धनबाद के बलियापुर प्रखंड के बड़ादाहा गांव में हुआ था. उन्होंने 1980 से 1990 के बीच बिहार विधानसभा और 1991 में गिरिडीह लोकसभा का प्रतिनिधित्व किया.
वहीं, स्व. राज किशोर महतो का जन्म 23 सितंबर 1946 को हुआ था. वे गिरिडीह से लोकसभा सांसद और टुंडी से विधायक रहे. 2014 के विधानसभा चुनाव में वे आजसू पार्टी के प्रत्याशी के रूप में टुंडी से निर्वाचित हुए थे.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सुदेश महतो ने कहा कि बिनोद बाबू ने जिस झारखंड की कल्पना की थी, उसमें शिक्षा, स्वाभिमान, रोजगार, सामाजिक न्याय और आम लोगों के अधिकार केंद्र में थे. उन्होंने कहा कि राज्य गठन के वर्षों बाद भी युवाओं के सामने रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं की पारदर्शिता जैसे गंभीर सवाल खड़े हैं.
उन्होंने कहा कि झारखंड के युवाओं ने मेहनत और उम्मीद के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी की है. लेकिन परीक्षा प्रक्रिया में अनियमितता, प्रश्नपत्र लीक और भ्रष्टाचार से जुड़े आरोपों की खबरें युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता पैदा करती हैं. ऐसे मामलों में निष्पक्ष जांच, दोषियों पर कार्रवाई और परीक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता जरूरी है.
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