Ranchi: बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी) मेसरा के इलेक्ट्रिकल व इलेक्ट्रॉनिक्स इंजीनियरिंग विभाग द्वारा “सतत हरित ऊर्जा प्रणालियों के लिए उभरती नियंत्रण एवं डिजिटल प्रौद्योगिकियां” विषय पर 5 दिवसीय अंतरराष्ट्रीय संकाय विकास कार्यक्रम (एफडीपी) का सोमवार को उद्घाटन किया गया. यह कार्यक्रम 18 से 22 मई 2026 तक चलेगा.
उद्घाटन सत्र के मुख्य अतिथि सेल, रांची के आरडीसीआईएस के कार्यकारी निदेशक ‘संदीप कुमार कर’ रहे. कार्यक्रम का आयोजन कुलपति प्रो. इंद्रनील मन्ना एवं कार्यवाहक कुलाधिपति डॉ. गौतम सारखेल के मार्गदर्शन में किया जा रहा है. कार्यक्रम के समन्वयक डॉ. गौरी शंकर गुप्ता हैं.
डॉ. गौरी शंकर गुप्ता ने कहा कि वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में तेजी से बदलाव हो रहे है और शैक्षणिक व औद्योगिक संस्थानों को इसके अनुरूप खुद को तैयार करना होगा. उन्होंने बताया कि कार्यक्रम में 16 राज्यों, 2 केंद्र शासित प्रदेशों और 5 देशों से प्रतिभागी शामिल हो रहे हैं.
मुख्य अतिथि संदीप कुमार कर ने ग्रीन स्टील, एआई आधारित अनुरक्षण, स्मार्ट ऊर्जा प्रबंधन और नवीकरणीय ऊर्जा एकीकरण जैसे विषयों पर चर्चा की. उन्होंने कहा कि भारत के हरित भविष्य के निर्माण में शिक्षकों की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है और उद्योग व शैक्षणिक संस्थानों के बीच सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है. विभागाध्यक्ष डॉ. सुधांशु कुमार मिश्रा ने नवीकरणीय ऊर्जा लक्ष्यों की प्राप्ति में इंजीनियरिंग शिक्षा की भूमिका पर प्रकाश डाला.
एफडीपी में 150 से अधिक प्रतिभागियों ने पंजीकरण कराया है. इनमें भारत के विभिन्न राज्यों के साथ अमेरिका, सिंगापुर और स्विट्जरलैंड से भी प्रतिभागी शामिल हैं. हाइब्रिड मोड में आयोजित इस कार्यक्रम में आईआईटी, एनआईटी, बिट्स पिलानी और अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालयों के 19 विशेषज्ञ व्याख्यान देंगे.
कार्यक्रम में ईवी चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर, स्मार्ट ग्रिड, एआई आधारित पूर्वानुमानित अनुरक्षण, रिन्यूएबल एनर्जी और साइबर सुरक्षा जैसे विषयों पर चर्चा होगी.
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