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भाजपा दुनिया की सर्वाधिक महत्वपूर्ण राजनीतिक पार्टी, 2024 में भी जीत की ओर बढ़ रही है : वॉल स्ट्रीट जर्नल

 
Washington/NewDelhi : वॉल स्ट्रीट जर्नल में लिखे गये एक लेख में कहा गया है कि भारतीय जनता पार्टी दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण राजनीतिक पार्टी है. इसे कम नहीं आंका जा सकता है. वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) में यह लेख वाल्टर रसेल मीड ने लिखा है. इस लेख के अनुसार भारत की सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा अमेरिकी राष्ट्रीय हितों के दृष्टिकोण से, दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण विदेशी राजनीतिक पार्टी है. इसे कम नहीं आंका जा सकता है. लिखा है कि 2014 और 2019 में लगातार जीत के बाद भाजपा 2024 में भी दोबारा जीत की ओर बढ़ रही है. वाल्टर रसेल मीड ने अपने लेख में कहा है कि भारत एक प्रमुख आर्थिक शक्ति के रूप में और जापान के साथ-साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी रणनीति के महत्वपूर्ण देश के रूप में उभर रहा है. लेख के अनुसार निकट भविष्य में भाजपा एक ऐसे देश में अपना दबदबा बनाएगी, जिसकी मदद के बिना बढ़ती चीनी शक्ति को संतुलित करने के अमेरिकी प्रयास विफल हो जायेंगे. इसे भी पढ़ें : कांग्रेस">https://lagatar.in/congress-responded-to-bjps-mir-jafar-attack-said-jaichands-army-made-to-save-adani/">कांग्रेस

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मुस्लिम ब्रदरहुड-लिकुड पार्टी से भाजपा की तुलना  

वाल्टर मीड ने लिखा है कि मुस्लिम ब्रदरहुड की तरह, भाजपा पश्चिमी उदारवाद के कई विचारों और प्राथमिकताओं को खारिज करती है. यहां तक कि यह आधुनिकता की प्रमुख विशेषताओं को भी अपनाती है. चीनी कम्युनिस्ट पार्टी की तरह, भाजपा एक अरब से अधिक आबादी वाले देश को वैश्विक महाशक्ति बनाने की उम्मीद करती है. इजरायल की लिकुड पार्टी की तरह, भाजपा लोकलुभावन बयानबाजी और पारंपरिक मूल्यों के साथ मूल रूप से बाजार समर्थक आर्थिक रुख को जोड़ती है. यह उन लोगों के गुस्से को भी प्रसारित करती है, जिन्होंने महानगरीय, पश्चिमी-केंद्रित सांस्कृतिक और राजनीतिक अभिजात वर्ग द्वारा बहिष्कृत और तिरस्कृत महसूस किया है. इसे भी पढ़ें : नितिन">https://lagatar.in/nitin-gadkari-gets-death-threats-again-security-beefed-up-outside-office/">नितिन

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पत्रकारों को करना पड़ता है उत्पीड़न का सामना

वॉल स्ट्रीट जर्नल में प्रकाशित इस लेख में कहा गया है कि विशेष रूप से वाम-उदारवादी विचारधारा वाले अमेरिकी विश्लेषक, अक्सर नरेन्द्र मोदी के भारत को देखते हैं और पूछते हैं कि यह डेनमार्क जैसा क्यों नहीं है. उनकी चिंता पूरी तरह गलत नहीं है. सत्तारूढ़ गठबंधन की आलोचना करने वाले पत्रकारों को उत्पीड़न और इससे भी बदतर स्थिति का सामना करना पड़ सकता है.

ईसाई बहुल राज्यों में भाजपा को मिली सफलता

मीड ने लिखा है कि बहुत से लोग राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की शक्ति से डरते हैं. आरएसएस एक राष्ट्रव्यापी हिंदू राष्ट्रवादी संगठन है, जिसका भाजपा नेतृत्व से घनिष्ठ संबंध है. हालांकि, भारत के पूर्वोत्तर में ईसाई बहुल राज्यों में भाजपा को हाल में कुछ उल्लेखनीय राजनीतिक सफलताएं मिली हैं.  भाजपा और आरएसएस के वरिष्ठ नेताओं, साथ ही उनके कुछ आलोचकों के साथ गहन बैठकों के बाद मुझे विश्वास है कि अमेरिकियों और पश्चिमी लोगों को आम तौर पर एक जटिल और शक्तिशाली आंदोलन के साथ और अधिक गहराई से जुड़ने की जरूरत है.

योगी आदित्यनाथ और  मोहन भागवत के साथ हुई मुलाकात को  याद किया

यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत के साथ अपनी मुलाकात को भी याद किया है. मीड लिखते हैं कि जब वे योगी आदित्यनाथ से मिले, जो उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री के रूप में सेवा करने वाले एक हिंदू संत हैं. वे नरेंद्र मोदी के उत्तराधिकारी भी माने जाते हैं, तब योगी ने उनके राज्य में निवेश और विकास लाने के बारे में बातें की थीं. आरएसएस चीफ मोहन भागवत से मुलाकात का जिक्र करते हुए मीड ने लिखा है कि आरएसएस के सबसे बड़े नेता मोहन भागवत ने मुझसे भारत के आर्थिक विकास में तेजी लाने की आवश्यकता के बारे में चर्चा की. भागवत ने इस विचार को खारिज कर दिया कि धार्मिक अल्पसंख्यकों को भेदभाव या नागरिक अधिकारों का नुकसान उठाना चाहिए [wpse_comments_template]
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