Ranchi : भाजपा के स्थापना दिवस पर दिए गए बयानों को लेकर सत्ताधारी दल झामुमो के महासचिव विनोद कुमार पांडेय ने तीखा पलटवार किया है. उन्होंने कहा कि भाजपा आज अपना स्थापना दिवस मना रही है और यह स्वाभाविक है कि एक संसाधनों से भरपूर पार्टी का जश्न भव्य होगा. लेकिन पार्टी के अंदर की स्थिति चिंताजनक है.
विनोद पांडेय ने कहा कि पहले भाजपा की ताकत उसके समर्पित कार्यकर्ता और जमीनी नेता होते थे, लेकिन अब वही लोग हाशिए पर चले गए हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि आज पार्टी में विचारधारा से ज्यादा बाहरी और आयातित चेहरे हावी हो गए हैं. बाहर से आए लोगों को शीर्ष पदों पर बैठाया जा रहा है, जबकि लंबे समय से पार्टी के लिए काम करने वाले नेताओं और कार्यकर्ताओं की अनदेखी की जा रही है.
उन्होंने कहा कि अपने ही पूर्व मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ नेताओं को दरकिनार करना केवल एक गलती नहीं, बल्कि सोच में आए बदलाव का संकेत है. इससे यह सवाल उठता है कि क्या कोई राजनीतिक दल सिर्फ संसाधनों और प्रचार से मजबूत होता है या उसकी असली ताकत उसके कार्यकर्ताओं और आंतरिक लोकतंत्र में होती है.
विनोद पांडेय ने भाजपा नेताओं के भाषणों को आत्मप्रशंसा से भरा बताया और कहा कि जमीनी सच्चाई इससे अलग है. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा विकास की बात करती है, लेकिन महंगाई, बेरोजगारी और सामाजिक असमानता जैसे मुद्दों पर विफल रही है.
उन्होंने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष आदित्य साहू के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि दूसरों पर टिप्पणी करने से पहले भाजपा को अपने वादों का हिसाब देना चाहिए. जनता अब भावनात्मक भाषणों के बजाय ठोस काम चाहती है.
विनोद पांडेय ने कहा कि अन्य दलों पर आरोप लगाना भाजपा की पुरानी रणनीति है, लेकिन इससे जनता के असली मुद्दे नहीं छिपाए जा सकते. उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा की नीतियों के कारण आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ा है और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर कम हुए हैं.
उन्होंने कहा कि झारखंड में झामुमो सरकार जनहित और स्थानीय मुद्दों पर काम कर रही है. सरकार जल, जंगल, जमीन और सामाजिक न्याय के लिए प्रतिबद्ध है, जबकि भाजपा केवल राजनीतिक लाभ के लिए बयानबाजी कर रही है.
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