Lagatar Desk : आप से अलग होकर भाजपा में शामिल हुए राघव चड्डा समेत सात सांसदों के विलय को राज्यसभा के सभापति सीपी राधाकृष्णन ने मंजूरी दे दी है. राज्यसभा सचिवालय ने इससे संबंधित आधिकारिक अधिसूचना जारी कर दी है.
राज्यसभा सचिवालय के इस फैसले के बाद संसद के ऊपरी सदन में भाजपा की ताकत और बढ़ गई है. राज्यसभा में बीजेपी सांसदों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है. जबकि आप के पास अब केवल तीन सांसद ही बचे हैं.
MPs Raghav Chadha, Ashok Kumar Mittal, Harbhajan Singh, Sandeep Kumar Pathak, Dr. Vikramjit Singh Sahney, Swati Maliwal and Rajinder Gupta, who quit AAP to join BJP on 24th April, are now listed among the 113 Rajya Sabha MPs of BJP pic.twitter.com/Etof1vbb5g
— ANI (@ANI) April 27, 2026
केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि राज्यसभा अध्यक्ष सी.पी. राधाकृष्णन ने आप के 7 सांसदों के भाजपा में विलय को स्वीकार कर लिया है. अब राघव चड्ढा, संदीप पाठक, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, स्वाति मालीवाल, राजिंदर गुप्ता और विक्रमजीत सिंह साहनी भाजपा संसदीय दल के सदस्य हैं.
रिजिजू ने कहा कि इन 7 सांसदों ने कभी भी अपशब्दों का प्रयोग नहीं किया और न ही कभी अनुशासनहीनता या असंसदीय आचरण किया. उन्होंने सभी सांसदों का पीएम मोदी जी के दूरदर्शी नेतृत्व में राष्ट्र निर्माण करने वाले एनडीए में स्वागत किया और टुकड़े-टुकड़े भारत गठबंधन को अलविदा कहा.
Union Parliamentary Affairs Minister Kiren Ririju says, "Honb'le Chairman Rajya Sabha Shri C.P. Radhakrishnan Ji has accepted the merger of 7 AAP MPs with BJP. Now, Raghav Chadha ji, Sandeep Pathak ji, Ashok Mittal ji, Harbhajan Singh ji, Swati Maliwal ji, Rajinder Gupta ji &… pic.twitter.com/68Li1Qm9BA
— ANI (@ANI) April 27, 2026
गौरतलब है कि आप के कुल सात सांसदों ने बीते सप्ताह पार्टी से नाता तोड़कर बीजेपी का दामन थामा था. इसके बाद AAP ने आरोप लगाया है कि यह दलबदल कानून के दायरे में आता है. पार्टी सांसद संजय सिंह ने राज्यसभा सभापति को पत्र लिखकर सभी की सदस्यता रद्द करने की मांग की थी.
उनका कहना है कि इन सांसदों ने पार्टी टिकट पर चुनाव जीतने के बाद दल बदल किया है, जो नियमों के खिलाफ है. वहीं दूसरी ओर, इन सांसदों के भाजपा में शामिल होने के बाद राजनीतिक समीकरण बदल गए हैं और राज्यसभा में भाजपा की स्थिति और मजबूत हो गई है. AAP ने इस मामले को लेकर कानूनी विकल्पों पर भी विचार करने की बात कही है.
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