Jamtara: जेल मैनुअल-2016 के प्रावधानों तथा राष्ट्रीय एवं झारखंड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देशों के तहत गठित बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने गुरुवार को जामताड़ा मंडल कारा का संयुक्त निरीक्षण किया. निरीक्षण के दौरान बंदियों से सीधे संवाद कर उन्हें मिल रही सुविधाओं, सुरक्षा व्यवस्था और किसी भी प्रकार के जातिगत अथवा अन्य भेदभाव की स्थिति की जानकारी ली गई.
इसे भी पढ़ें:
संयुक्त निरीक्षण में प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राधा कृष्ण, उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार, पुलिस अधीक्षक शम्भू कुमार सिंह, अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, डीएलएसए के सचिव पवन कुमार, सिविल सर्जन डॉ. शिव प्रसाद मिश्रा, जिला समाज कल्याण पदाधिकारी कलानाथ, जिला कृषि पदाधिकारी, पथ प्रमंडल के कार्यपालक अभियंता विक्की रविश मुर्मू सहित अन्य सदस्य शामिल रहे.

निरीक्षण के दौरान बोर्ड ऑफ विजिटर्स ने जेल के विभिन्न वार्डों का अवलोकन किया और बंदियों के आवास, भोजन, स्वच्छता, पेयजल, स्वास्थ्य सेवाओं तथा सुरक्षा व्यवस्था की विस्तार से समीक्षा की. अधिकारियों ने यह भी सुनिश्चित किया कि जेल परिसर में किसी प्रकार का जाति आधारित भेदभाव, सम्मान आधारित भेदभाव या सामाजिक विभाजन जैसी कोई प्रथा संचालित नहीं हो रही है.
बोर्ड के सदस्यों ने बंदियों से खुलकर बातचीत कर उनकी समस्याओं और आवश्यकताओं की जानकारी ली. बंदियों ने बताया कि जेल में सभी के साथ समान व्यवहार किया जाता है तथा किसी प्रकार का जातिगत भेदभाव नहीं किया जाता. उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें आवश्यक सुविधाएं नियमित रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं.
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने कारा प्रशासन को बंदियों के मानवाधिकारों की रक्षा, समानता के सिद्धांतों के पालन और जेल में उपलब्ध मूलभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए.
प्रशासन के अनुसार, बोर्ड ऑफ विजिटर्स का यह संयुक्त निरीक्षण जेल प्रशासन को अधिक उत्तरदायी, पारदर्शी और संवेदनशील बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है. इस अवसर पर संबंधित विभागों के अन्य अधिकारी एवं कर्मी भी उपस्थित रहे.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.


Leave a Comment