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Simdega News: सूरत से श्रमिक का शव सिमडेगा लाया गया, वज्रपात से हुई थी मौत

सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड अंतर्गत बरसलोया पंचायत के पोंपो टोली गांव के एक प्रवासी श्रमिक की गुजरात के सूरत जिले के दांती क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. मृतक की पहचान वाल्टर तोपनो (21 वर्ष), स्वर्गीय हेरमन तोपनो के पुत्र के रूप में हुई है. उनके परिवार में माता महिमा तोपनो और छोटा भाई आशीष टोपनो हैं.
 
सिमडेगा जिला की खबरें

Simdega: सिमडेगा जिले के कोलेबिरा प्रखंड के बरसलोया पंचायत के पोंपो टोली गांव के एक प्रवासी श्रमिक की गुजरात के सूरत जिले के दांती क्षेत्र में वज्रपात की चपेट में आने से मौत हो गई. मृतक की पहचान वाल्टर तोपनो (21 वर्ष) के रूप में हुई है. उनके परिवार में माता महिमा तोपनो और छोटा भाई आशीष टोपनो हैं. उसके पिता हेरमन तोपनो की मृत्यु पहले ही हो चुकी है.

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प्राप्त जानकारी के अनुसार, वाल्टर तोपनो मई 2026 में रोजगार की तलाश में गुजरात गए थे,जहां वे मत्स्य पालन कर्मी के रूप में कार्य कर रहे थे. बताया गया कि 6 जुलाई की शाम करीब 5:20 बजे तालाब में मछलियों को चारा डालने के दौरान अचानक तेज वज्रपात हुआ और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से वे गंभीर रूप से घायल हो गए. सहकर्मियों ने उन्हें तत्काल नजदीकी अस्पताल पहुंचाया,जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया.

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घटना के बाद गुजरात में ही पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी की गई. इसके बाद निजी एंबुलेंस से उनका शव जोन्हाटोली तक लाया गया और शव को ताबूत में डाला गया. इसके बाद स्थानीय ग्रामीणों एवं परिजनों के द्वारा बहिंगा के माध्यम से ढोकर पगडंडियों से होते हुए पैतृक गांव बरसलोया पोंपो टोली लाया गया क्योंकि जोन्हाटोली से पोंपोटोली तक पक्की सड़क नहीं है जिस कारण गांव तक एंबुलेंस नहीं पहुंच पाई. 

 

शव के गांव पहुंचते ही पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई. परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया. बाद में गांव में उनका अंतिम संस्कार किया गया, जिसमें अखिल भारतीय रौतिया समाज, कोलेबिरा के प्रखंड अध्यक्ष चैतन्य सिंह, रोशन सुरिन सहित बड़ी संख्या में आस पास के ग्रामीण शामिल हुए. सभी ने दिवंगत आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की.

 

बताया जा रहा है कि वाल्टर तोपनो परिवार के इकलौते कमाने वाले सदस्य थे. उनकी असामयिक मृत्यु से परिवार आर्थिक और मानसिक संकट में आ गया है.

 

इधर, अखिल भारतीय रौतिया समाज के प्रखंड अध्यक्ष चैतन्य सिंह एवं ग्रामीणों ने श्रम विभाग, प्रखंड प्रशासन एवं जिला प्रशासन से आग्रह करते हुए पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता एवं उचित मुआवजा देने की मांग की है. उन्होंने कहा कि शुक्रवार को श्रम प्रवर्तन पदाधिकारी, कोलेबिरा से मिलकर प्रशासन से अविलंब सहायता उपलब्ध कराने की अपील की जाएगी.

 

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