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बोकारो: झारखंड में विस्थापन बड़ी समस्या- चंपाई सोरेन

पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड में विस्थापन बड़ी समस्या है. 60 साल बीत जाने के बाद भी विस्थापितों को अब तक समुचित न्याय, हक, और अधिकार नहीं मिला है. वर्ष 1960-62 में झारखंड में बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए थे. वे आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं.
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समारोह में मंचासीन पूर्व मुख्यमंत्री चंपाई सोरेन व अन्य.

Bokaro : बोकारो पहुंचे झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री चंपई सोरेन ने कहा कि झारखंड में विस्थापन बड़ी समस्या है. 60 साल बीत जाने के बाद भी विस्थापितों को अब तक समुचित न्याय, हक, और अधिकार नहीं मिला है. वर्ष 1960-62 में झारखंड में बड़ी संख्या में लोग विस्थापित हुए थे. वे आज भी बुनियादी सुविधाओं के लिए तरस रहे हैं. 


चंपाई सोरेन पिछले साल बोकारो स्टील प्लांट में विस्थापित आंदोलन के दौरान जान गंवानेवाले प्रेम महतो के शहादत दिवस के मौके पर सेक्टर 11 स्थित विस्थापितों के मंच पर पहुंचे हुए थे. उन्होंने कहा कि डेढ़ महीने के अंदर बीएसएल प्रबंधन विस्थापितों के समस्या का समाधान करे, नहीं तो जोरदार आंदोलन होगा. बीएसएल की खाली पड़ी जमीन पर हल-बैल व टैक्टर लेकर पहुंचेंगे और उक्त जमीनों जोतवाएंगे.

 


उन्होंने कहा कि झारखंड सरकार से पारित विस्थापित आयोग झुनझुना है. इससे विस्थापितों को कुछ भी मिलने नहीं जा रहा है. सरकार किसी की भी हो विस्थापितों के हक-अधिकार के लिए हम लड़ते रहे हैं और लड़ते रहेंगे. चाहे टाटा की जमीन का मामला हो, या फिर रांची में नगड़ी  की जमीन का हो, जबरन विस्थापन बर्दाश्त होगा. उन्होंने कहा कि  बोकारो स्टील प्लांट लगाने के लिए 31 हजार एकड़ जमीन का अधिग्रहण 1960-62 में किया गया था. अभी 8 हजार एकड़ का ही उपयोग किया गया है. समारोह में निरसा के माले विधायक अरूप चटर्जी, बगोदर के पूर्व विधायक विनोद सिंह सहित बड़ी संख्या में विस्थापित महिला-पुरुष मौजूद रहे.


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