सरकार पर नौकरी देने का दबाव
बता दें कि हेमंत सोरेन सरकार एक वर्ष में पांच लाख युवाओं को नौकरी देने की वादा करके सत्ता में आई है, लेकिन आधा कार्यकाल खत्म होने के बावजूद एक हजार लोगों को सरकारी नौकरी नही दे सकी है. 2021 नियुक्त वर्ष भी विफल रहा है. झारखण्ड यूथ एसोसिएशन समेत विभिन्न संगठनों ने इस मुददे को लेकर सरकार की नाक में दम कर रखा है. विभिन्न माध्यम से युवा आंदोलन चला रहे हैं. दबाव के बीच सरकार विभिन्न प्रकार की बहाली करने की कोशिश कर रही है. इसे भी पढ़ें-खरसावां">https://lagatar.in/kharsawan-aasma-the-real-star-season-3-audition-on-july-24/">खरसावां: “आसमा द रियल स्टार” सीजन-3 का ऑडिशन 24 जुलाई को
गरीब छात्रों पर फोकस
अनुमान है राज्य सरकार बहुत जल्द 11वीं जेपीएससी, शिक्षक नियुक्ति और अन्य परीक्षाओं का विज्ञापन निकाल सकती है. लेकिन सही मार्गदर्शन के अभाव में कमजोर वर्ग के छात्र पिछड़ रहे हैं. आर्थिक रुप से समृद्ध युवा शहर के कोचिंग संस्थान से कोचिंग लेकर नौकरी ले रहे हैं. लेकिन कमजोर छात्र पैसे के अभाव से कोचिंग का मार्गदर्शन नहीं ले पाते हैं. गरीब छात्रों को ध्यान में रखकर झारखण्ड लोक सेवा अकादमी निःशुल्क कोचिंग संस्थान खोल रही है. ताकि इन गरीब व कमजोर वर्ग के बच्चों को उच्चस्तरीय मार्गदर्शन दी जा सके. इसकी जानकारी मोहम्मद गुलाम और मोहम्मद शफी इमाम ने दी. इसे भी पढ़ें-झारखंड">https://lagatar.in/protest-against-reinstatement-of-assistant-professor-in-jharkhand-research-scholars-will-lock-down-ranchi-university-on-thursday/">झारखंडमें असिस्टेंट प्रोफेसर बहाली का विरोध, शोधार्थी गुरुवार को करेंगे रांची विवि में तालाबंदी [wpse_comments_template]

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