Search

बोकारो लापता युवती मामला : हाईकोर्ट में वर्चुअली हाजिर हुईं DGP,   मारपीट घटना की सीलबंद रिपोर्ट मांगी

Ranchi :  बोकारो की 18 वर्षीय युवती के गुमशुदगी से जुड़े मामले में याचिकाकर्ता के रिश्तेदार को बोकारो पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के मामले में  झारखंड हाईकोर्ट में दोबारा सुनवाई हुई. मामले में कोर्ट के आदेश पर दोपहर 12 बजे  DGP दोबारा वर्चुअल मोड कोर्ट में हाजिर हुईं.

 

उनकी ओर से कहा गया कि मारपीट मामले में वन मैन कमिटी बनाई गई है. उन्होंने इसकी रिपोर्ट जमा करने के लिए कोर्ट से समय की मांग की. उन्होंने कोर्ट को बताया है कि पिंडराजोड़ा थाना प्रभारी को उस थाना से हटा दिया गया है. वे संबंधित मामले में अनुसंधान नहीं करेंगे.

 

कोर्ट ने DGP को याचिकाकर्ता के चाचा ससुर की पिटाई मामले में कमिटी की सीलबंद रिपोर्ट सौंपने और लापता युवती को खोजने में तेजी लाने का निर्देश दिया. इसके बाद अदालत ने मामले की अगली सुनवाई के लिए 15 अप्रैल की तिथि निर्धारित कर दी.  

 

प्रथम दृष्टया पुलिस का रवैया अवमाननापूर्ण प्रतीत होता है

 

बोकारो पुलिस पर गंभीर टिप्पणी करते हुए कोर्ट ने कहा है कि प्रथम दृष्टया पुलिस का रवैया न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप और अवमाननापूर्ण प्रतीत होता है. अदालत ने कथित पुलिस प्रताड़ना के मामले में डीजीपी झारखंड से व्यक्तिगत हस्तक्षेप कर रिपोर्ट मांगी है. इससे पूर्व याचिकाकर्ता की ओर से अदालत को बताया गया था कि उसके परिजन समापद महतो को बोकारो पुलिस ने बुरी तरह पीटा, जिसके बाद उनका इलाज न्यूरो सर्जन डॉ. सी.बी. सहाय के क्लिनिक में चल रहा है.

 

मेडिकल रिपोर्ट में सिर में गंभीर चोट और ब्रेन से जुड़ी समस्या सामने आई है. कोर्ट ने नाराजगी जताते हुए कहा कि जिस व्यक्ति पर कोई आरोप नहीं है, उसे थाना बुलाकर प्रताड़ित करना गंभीर मामला है. अदालत ने पूछा कि जब समापद महतो किसी केस के आरोपी नहीं हैं तो पुलिस ने उन्हें थाना क्यों बुलाया? राज्य की ओर से इसका संतोषजनक जवाब नहीं दिया जा सका.

 

क्या बताया डीजीपी ने

 

डीजीपी ने कोर्ट को बताया कि मामले की जांच के लिए DIG रैंक के अधिकारी की अध्यक्षता में वन मैन कमेटी गठित की गई है. संबंधित थाना प्रभारी और पुलिसकर्मियों को जांच से हटाकर निष्क्रिय सेवा में भेजा गया है. समापद महतो की चोटों की जांच के लिए मेडिकल बोर्ड गठित किया जाएगा. 

 

मेडिकल जांच  मिलिट्री हॉस्पिटल में मेडिकल बोर्ड से कराई जाए

 

कोर्ट ने निर्देश दिया कि समापद महतो की मेडिकल जांच मिलिट्री हॉस्पिटल, नामकुम (रांची) में मेडिकल बोर्ड से कराई जाए. इसके लिए 10 अप्रैल  को जांच कराने और रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया गया है. साथ ही कोर्ट ने यह भी कहा कि  यदि याचिकाकर्ता या उसके परिवार के किसी सदस्य के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसकी व्यक्तिगत जिम्मेदारी एसपी बोकारो की होगी.अगली सुनवाई में भी डीजीपी को पुनः वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहने को कहा है.

 

 

कोर्ट ने मामले में सरकार की अधिवक्ता को निर्देश दिया कि वह पुलिस की पिटाई में घायल याचिकाकर्ता के चाचा ससुर का इलाज दीपा टोली सेना अस्पताल में करने की व्यवस्था कराए.  इससे पहले कोर्ट के आदेश के आलोक में सुबह 10.30 बजे DGP हाईकोर्ट में वर्चुअल रूप से उपस्थित हुई थीं.

 

उस दौरान डीजीपी से कोर्ट ने कहा था कि बोकारो पुलिस द्वारा याचिकाकर्ता के रिश्तेदार की पिटाई के संबंध में  रिपोर्ट मांगी थी, उसे प्रस्तुत नहीं किया गया. कोर्ट ने उनसे कहा था कि एसपी बोकारो ज्यूडिशियरी को चैलेंज कर रहे हैं.

 

कोर्ट की ओर से DGP को बताया गया कि याचिकाकर्ता के वृद्ध रिश्तेदार पुलिस उठा कर ले गई है. जबकि कोर्ट की ओर से पिछली सुनवाई में कहा गया था कि अगर याचिकाकर्ता को या उनके किसी रिश्तेदारों बोकारो पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी बोकारो एसपी पर होगी. 

 

लेकिन एक बार फिर याचिकाकर्ता के रिश्तेदार के साथ घटना हुई. कोर्ट ने नाराजगी जाहिर करते हुए DGP से कहा था कि एसपी बोकारो के खिलाफ क्रिमिनल अवमानना की कार्रवाई की जा सकती है. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई. प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित  मार्की और अधिवक्ता शांतनु गुप्ता ने पक्ष रखा.

 

इससे पहले हुई सुनवाई में कोर्ट ने DGP को मामले की जानकारी देते हुए उन्हें बताया था कि याचिकाकर्ता के चाचा ससुर को पिंडराजोड़ा थाना में बुलाकर बेरहमी से पीटा गया, उनके सिर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आई हैं. वे रांची में एक निजी क्लीनिक में भर्ती हैं. वह पीड़ित परिवार से हैं, इसके बावजूद भी उनको पीटा गया था.  

 

इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता के रिश्तेदार की पिटाई के संबंध में डीजीपी से रिपोर्ट मांगी थी और उन्हें  9 अप्रैल को सशरीर उपस्थित होने को कहा था.

 

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

बेहतर न्यूज़ अनुभव
ब्राउज़र में ही
//