- 9 अप्रैल को DGP को वर्चुअल मोड या सशरीर कोर्ट में उपस्थित होने का निर्देश
- याचिकाकर्ता के रिश्तेदार की पिटाई पर DGP से मांगी रिपोर्ट
Ranchi: बोकारो की 18 वर्षीय युवती के गुमशुदगी से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता के रिश्तेदार को बोकारो पुलिस द्वारा बेरहमी से पिटाई किए जाने के मामले में कोर्ट के आदेश के आलोक में DGP हाईकोर्ट में वर्चुअल रूप से उपस्थित हुईं. कोर्ट ने मामले की जानकारी देते हुए उन्हें बताया कि याचिकाकर्ता के चाचा ससुर को पिंडराजोड़ा थाना में बुलाकर बेरहमी से पीटा गया, उनके माथा और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोट आई है. वे रांची में एक निजी क्लीनिक में भर्ती हैं. वह पीड़ित परिवार से हैं, इसके बावजूद भी उनको पीटा गया, क्या यही पुलिस की कार्रवाई होती है.
नाराज कोर्ट ने DGP से पूछा, क्यों नहीं एसपी बोकारो के खिलाफ क्रिमिनल अवमानना की कार्रवाई की जाए. कोर्ट ने उनसे पूछा है कि याचिकाकर्ता के रिश्तेदार को कस्टडी में लेकर पिटाई क्यों की गई. कोर्ट ने इस मारपीट के संबंध में डीजीपी से रिपोर्ट मांगी है. साथ ही यह भी कहा की अगर याचिकाकर्ता को या उनके किसी रिश्तेदार को बोकारो पुलिस द्वारा प्रताड़ित किया जाता है तो उसकी जिम्मेदारी बोकारो एसपी पर होगी. अगली सुनवाई 9 अप्रैल को होगी. उस दिन भी डीजीपी को वर्चुअल मोड में या सशरीर कोर्ट में उपस्थित होना है.
इससे पहले कोर्ट ने सुनवाई में कोर्ट ने याचिका करता के चाचा ससुर को पीटे जाने की घटना को गंभीरता से लिया था और DGP को दोपहर 3:30 तलब किया था. कोर्ट को आज बताया गया था कि याचिकाकर्ता के चाचा ससुर को बोकारो पुलिस ने पिटाई की , जिसे लेकर काफ़ी चोट लगी है. वे रांची में एक चिकित्सक के पास इलाजरत है, उन्हें गंभीर चोट आई है. मामले की सुनवाई हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति सुजीत नारायण प्रसाद की खंडपीठ में हुई. प्रार्थी के अधिवक्ता विनसेंट रोहित मार्की और अधिवक्ता शांतनु गुप्ता ने पक्ष रखा.
पूर्व की सुनवाई में कोर्ट ने SP बोकारो से पूछा था की युवती 7 माह से अधिक समय से बोकारो से गायब है, उसकी बरामदगी के बारे में क्या-क्या कदम उठाए गए हैं. युवती कब तक बरामद कर ली जाएगी. बोकारो एसपी ने कोर्ट को बताया कि बोकारो एवं आसपास के तीन - चार जगह पर युवती की बरामदगी को लेकर छापेमारी की गई है. एक संदिग्ध को पुलिस ने पकड़ा है , उसका नार्को को टेस्ट कराने का प्रयास किया जा रहा है.
बता दें कि मामले में लड़की की मां की ओर से हेवियस कॉपस दायर की गई है. सुनवाई के दौरान प्रार्थी की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि युवती 31 जुलाई 2025 से लापता है. मामले को लेकर बोकारो के पिंडराजोड़ा थाना में कांड संख्या 147 /2025 दर्ज किया गया था. युवती के परिजन को 11 दिसंबर 2025 को मोबाइल पर एक कॉल आया था , जिसमें कहा गया था उनकी लड़की पुणे में है.
इसके बाद पुलिस दल ने फोन करने वाले युवक को दबोच लिया था. थाने में पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि युवती उसके दोस्त के पास पुणे में है. पुलिस की टीम युवती के पिता के साथ उस लड़के को लेकर ट्रेन से पुणे जा रही थी, इसी दौरान वह उन्हें चकमा देकर भाग गया. पुलिस अब तक युवती को नहीं ढूंढ सकी है.
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